भोपाल : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघ चालक मोहन भागवत की अध्यक्षता में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक कल 12 अक्तूबर से यहां शुरू हो रही है। इस बैठक में संघ के पिछले छह माह के कामकाज की समीक्षा के साथ ही रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ और कश्मीर सहित देश के अन्य ताजा मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।

आरएसएस के मध्य भारत प्रांत प्रचार प्रमुख दीपक शर्मा ने बताया कि 12 अक्तूबर से शुरू होने वाली इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सात अक्तूबर को यहां पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल (एबीकेएम) की बैठक को सालाना ‘‘दीपावली बैठक’’ के तौर पर भी जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि शहर के शारदा विहार के शिशु मंदिर स्कूल में होने वाली इस बैठक में देश भर से संघ के लगभग 300 प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। आरएसएस के कार्यकारिणी मंडल को संघ परिवार का नीति नियंता माना जाता है। इस बैठक में संघ तथा संघ परिवार से जुड़े संगठनों के लिए आगामी 6 माह के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। शर्मा ने बताया कि संघ के कार्यकारिणी मंडल की बैठक प्रतिवर्ष दो दफा मार्च और अक्तूबर माह में होती है। उन्होंने बताया कि लगभग एक दशक बाद संघ की यह बैठक भोपाल में हो रही है।

आरएसएस के सूत्रों के मुताबिक बैठक में संघ द्वारा पिछले छह माह के कार्यो का लेखाजोखा, म्यामार से रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ, कश्मीर में आतंकवाद गतिविधियां जैसे प्रमुख मुद्दों सहित देश की वर्तमान आर्थिक हालात पर विचार विमर्श किया जाएगा। संघ के बैठक के लिए संघ प्रमुख भागवत गत सात अक्तूबर से यहां पड़ाव डाले हुए हैं। इस दौरान उन्होंने संघ के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया।