मुंबई में 29 सितंबर को एलफिंस्टन पुल पर हुई भगदड़ की जांच रिपोर्ट में भारी बारिश को भगदड़ का कारण बताया गया है. उस घटना में 23 लोगों की मौत हो गई थी. अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी. खास बात यह है कि इस रिपोर्ट में रेलवे के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, संकरे पुल को भगदड़ का कारण नहीं बताया गया है.

पश्चिम रेलवे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाले पैनल ने आज महाप्रबंधक अनिल कुमार को अपनी रिपोर्ट सौंपी. पैनल ने इस घटना में घायल हुए 30 यात्रियों के बयान दर्ज किए थे. इसके अलावा घटना का वीडियो फुटेज भी जांचा था.

रिपोर्ट के मुताबिक भगदड़ की वजह भारी बारिश थी. तेज बारिश की वजह से बाहर की ओर टिकट काउंटरों पर खड़े लोग भी बारिश से बचने के लिए सीढ़ियों की ओर भागे जहां पहले से काफी भीड़ थी.

इसमें कहा गया कि स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या से समस्या और बढ़ गई. जिन लोगों के पास भारी-भरकम सामान था, उनका संतुलन बिगड़ गया और संभवत: यही भगदड़ की वजह बनी. रिपोर्ट में कहा गया कि किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने यह नहीं कहा है कि अव्यवस्था पुल पर हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से फैली.

जांच पैनल ने सुझाव दिया है कि व्यस्त समय में यात्रियों के भारी सामान लेकर आने पर रोक लगाई जाए. इसके अलावा वे लोग जो सामान भरी टोकरियां या डलिया लिए हुए होते हैं उनके भी व्यस्त समय में यहां आने पर रोक लगाई जाए.

पैनल ने कुछ और सुझाव भी दिए हैं जिनमें सीढ़ियों वाले क्षेत्र को चौड़ा करने के लिए बुकिंग कार्यालय को कहीं और बनाना, वैकल्पिक सीढ़ियां बनाना आदि शामिल हैं. इसमें कहा गया कि स्टेशन कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को वायरलैस हैंडसेट उपलब्ध करवाए जाएं ताकि वह समय पर प्रतिक्रिया दे सकें.

इधर, नए पुल के टेंडर में हुई देरी की जांच के लिए रेल मंत्रालय ने एक हाईपॉवर जांच कमेटी गठित की है. ये कमेटी पता लगाएगी कि कैसे प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं मिलने से 18 महीने देरी से काम का टेंडर किया गया. जांच कमेटी की अध्‍यक्षता पूर्व सीवीसी प्रत्यूष सिन्हा करेंगे. इसमें विनायक चटर्जी मेम्बर (इंफ्रा सीआईआई), इंजीनियर सुबोध जैन और रेलवे बोर्ड से डायरेक्टर सेफ्टी सदस्य होंगे.

कमेटी को 3 महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपनी है. कमेटी देरी की वजह जानने के अलावा आगे भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए अपने सुझाव भी देगी.