मध्य प्रदेश की शिवराज कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में नई उद्योग संवर्धन नीति को मंजूरी देने के साथ ही कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है.

जीएसटी अमल में आने के बाद अब प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के एवज में पूंजी निवेश, रोजगार सृजन और निर्यात संवर्धन को आधार बनाकर प्रोत्साहन सहायता दी जाएगी. इसके तहत 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत लागत पूंजी अनुदान दिया जाएगा जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है.

इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली में बनने वाले नए मध्यप्रदेश भवन और मध्यांचल विस्तार भवन के संबंध में साधिकार समिति के गठन का फैसला किया है. कैबिनेट ने राज्य आनंद संस्थान के लिए नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है.

साथ ही कैबिनेट ने एन.टी.पी.सी. खरगोन को 660 मेगावॉट की दो इकाईयों की विद्युत परियोजनाओं के लिए सनावद तहसील में 23 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने को भी मंजूरी दी है.

इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग में अस्थायी पदों को स्थायी किए जाने पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है.

कैबिनेट ने एक और अहम फैसला लेते हुए राज्य विधि आयोग के पुनर्गठन को मंजूरी दी है. साथ ही इसमें 30 नए पदों को भी मंजूरी दी है. कैबिनेट ने कुंडालिया सिंचाई परियोजना के विस्थापितों के लिए 918 करोड़ के विशेष पैकेज के प्रावधान को भी मंजूरी दी है. कुल 5994 विस्थापित परिवारों को विशेष पैकेज से राशि दी जाएगी.

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ स्मृति पुरस्कार योजना तथा डॉ. हरिसिंह गौर पुरस्कार नियम 2015 एवं नैक प्रोत्साहन योजना का नाम संशोधन कर पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना को यथावत रखे जाने का निर्णय लिया है.

कैबिनेट ने विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना का नामकरण करने पर अनुमोदन किया है. पुरस्कार योजना का नामकरण संत सेवालाल महाराज के नाम से किया जाएगा.