मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और डॉक्टर रोकड़े 
भोपाल। एक समय था जब मध्यप्रदेश के पशु चिकित्सालयों की स्थिति खस्ताहाल अवस्था में थी। पशु चिकित्सालयों के ना तो भवन का पता था ना ही पशु चिकित्सा से संबंधित महत्वपूर्ण उपकरणों का। इतना ही नहीं पशुओं को दी जाने वाली मेडिसिन भी पशु पालकों को आधी से ज्यादा बाहर से खरीदनी पड़ती थी। लेकिन राज्य शासन ने जब से संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉक्टर आरके रोकड़े को बनाया है तब से इन्हीं खस्ताहाल चिकित्सालय को मानव चार चांद से लग गए हैं । जहां एक समय टूटे-फूटे कार्यालय सहित बिना उपकरणों के चलने वाला पशु चिकित्सालय हुआ करता था वह अब सर्वसुविधायुक्त हो गया है। जी हां , यह आज संभव हो पाया है
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनहितैषी और लाभकारी योजनाओं के चलते। इसका सफल क्रियान्वयन करने में अहम भूमिका संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं आरके रोकड़े ने निभाई है। बताते हैं कि आज की स्थिति में पूरे 51 जिला मुख्यालय सहित विकासखंड स्तर पर पशु चिकित्सालय पूर्ण सुविधा युक्त हो गए हैं।वही 51 जिलामुख्यालय स्तर पर "पॉली क्लीनिक" नाम के नवीन भवनों का निर्माण किया गया है। इन भवनों में सोनोग्राफी, एक्स-रे मशीन तथा मेडिसिन भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।  पशु चिकित्सालय में आने वाले पशु पालकों को पूरी सुविधा मौके पर ही दी जा रही है। आज की स्थिति में प्रदेश के उज्जैन, मंदसौर, देवास, होशंगाबाद, ग्वालियर, सतना, छिंदवाड़ा, तथा आगर में सबसे अच्छा काम हो रहा है। इन जिलों ने दिए गए टारगेट को भी समय सीमा में पूरा किया गया है।
 सूत्र बताते कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर पशुपालन विभाग ने आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना बनाई है, ताकि पशुपालकों को इसका लाभ अधिक से अधिक मिल सके।  यह योजना सभी वर्गों के हितग्राहियों के लिए है। जिसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना, पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत पशुपालक को अधिकतम 10 लाख रुपए स्वीकृत किया जा सकता है, जिसमें 75% राशि बैंक के माध्यम से तथा शेष राशि की व्यवस्था हेतु स्वयं को करनी होती है तथा लागत के 75% पर 5% वार्षिक ब्याज दर से 7 वर्षो तक विभाग की प्रतिपूर्ति करता है। आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना की स्थिति है कि पशु पालक इसका लाभ लेने के लिए लगातार विभाग से संपर्क योजना से जुड़ रहे हैं । अगर हम बात करें प्रदेश की 604 गौशालाओं की तो यहां पर वर्तमान में 1 लाख 41 हजार पशु है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं पशु चिकित्सा सेवाएं समय- समय पर करते हैं।  प्रदेश का एकमात्र गौ अभ्यारण सालरिया में भी हजारों की तादात में गाय अभ्यारण कर रही है। कुल मिलाकर पशु चिकित्सालय तथा पशु पालकों की दिशा और दशा बदलने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक अच्छी सोच का नतीजा है कि आज पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए हितग्राही स्वयं आगे आ रहे हैं।