बाजारों में दिख रही दीवाली की रौनक से व्यापारी खुश
रायपुर।
दीवाली त्यौहार को सिर्फ एक हफ्ते ही शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए राजधानी के मुख्य बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। 17 अक्टूबर से धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली मनाने की शुरूआत हो जाएगी। विपक्षीय दलों द्वारा जीएसटी कर का जोर शोर से विरोध करने के बावजूद भी दीपावली बाजार खरीददारी के मामले में निष्प्रभावित है। दीपावली की त्यौहारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि पूरा शहर दीवाली की तैयारियों में जोर-शोर से करने में लगा हुआ है।
हर सेक्टर में रौनक
व्यापारिक संस्थानों की बात करें तो मामला आटो मोबाइल्स सेक्टर का हो, या कपड़ों की खरीददारी का हो, उपहार आदि की खरीददारी हो, या फिर घरों के रंग रोगन का मामला हो, या फिर सजावटी सामानों का मामला हो, हर सेक्टर का व्यवसाय इन दिनों दीपावली की रौनक से गुलजार है। शहर का प्रमुख कपड़ा बाजार पंडरी स्थित इंदिरा गांधी कपड़ा मार्केट एवं महालक्ष्मी क्लाथ मार्केट में व्यवसायिक संस्थानों के संचालकों की यह स्थिति है कि त्यौहारी भीड़ के चलते उन्हें एवं उनके स्टाफ को दम मारने की फुर्सत नहीं है।
वहीं सराफा बाजार भी गत वर्ष की तुलना में उत्साह दिखाई दे रहा है। जीएसटी कर का हल्ला जितना चैंबर आफ कामर्स ने मचा रखा है उससे ज्यादा त्यौहारी भीड़ विभिन्न बाजारों में दिखाई देना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि लोगों की खरीदी बिक्री में जीएसटी कर का उतना असर नहीं पड़ा है जितना विपक्षीय दल पीएम मोदी को आये दिन आलोचना का शिकार बनाकर प्रचार करते रहते है। धान का बोनस मिलना भी त्यौहारी भीड़ को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। शहर के गोल बाजार मालवीय रोड एवं सदर बाजार में ग्रामीण क्षेत्र की ग्राहकी एकाएक बढऩे का मुख्य कारण छग के मुख्यमंत्री द्वारा 21 सौ करोड़ रूपए दीपावली के पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बोनस वितरण किया जाना भी है।