सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर बैन के बाद अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ में पटाखे जलाने पर रेगुलेटिड बैन लगा दिया है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार दिवाली के दिन शाम साढ़े 6 बजे से साढ़े 9 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
 
इसपर निगरानी के लिए पीसीआर तैनात किए जाएंगे। इसके बाद और इससे पहले पटाखे न जलाए जाएं इसकी जिम्मेदारी डीसी, एसपी और पुलिस कमिश्नर की होगी। 

बढ़ते प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार पटाखें बेचने के लिए लाइसेंस ड्रॉ द्वारा दिए जाएंगे और पिछले साल जारी किए गए लाइसेंसों की तुलना में इस बार 20 फीसदी ही लाइसेंस दिए जाएंगे।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पटाखों को लेकर यह संज्ञान जस्टिस अमित रावल के पत्र के चलते लिया गया है। जस्टिस रावल ने अपने पत्र में लिखा था कि दिल्ली निश्चित रूप से देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, लेकिन लुधियाना, अमृतसर और पंचकूला की हालत भी कुछ बेहतर नही हैं। पीएम 10 पर्टिकुलेट की विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित अधिकतम सुरक्षित मात्रा 20 है, जबकि पीएम 2.5 की अधिकतम 10 है।

जबकि अमृतसर में 239, लुधियाना में 251 पीएम 10 पर्टिकुलेट हैं जबकि पंचकूला में 108 पीएम 2.5 पर्टिकुलेट है जो बदतर स्थिति का गवाह है। पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया।

वीरवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दिवाली के समय पटाखों के कारण हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलकर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पिछले दो दिनों में वैसे भी हवा में भारीपन सा है और ऊपर देखने पर आसमान में जो धुआं दिखाई दे रहा है वह बादल नहीं बल्कि धूल हैं।