एक केस और नौ साल में तीन अलग-अलग थ्योरी. जी हां. कुछ ऐसा ही हुआ है आरुषि-हेमजरा मर्डर केस में. हैरत की बात ये है कि यूपी पुलिस हो या सीबीआई दोनों की ही थ्योरी एक-दूसरे की बात को काटने वाली है. इतना ही नहीं तलवार दंपत्ति भी अपनी थ्योरी रखते हुए पुलिस और सीबीआई की थ्योरी को झुठलाने की कोशिश में काफी हद तक कामयाब हुए हैं.

ये कहती है सीबीआई-

1. घटना की रात घर में चार लोग मौजूद थे.  राजेश, नूपुर, आरुषि और हेमराज.  इनमें से दो मर चुके थे.  बचे तलवार दंपती.  पड़ोसियों ने किसी और को आते नहीं देखा.  लास्ट सीन एविडेंस के आधार पर तलवार दंपती ही दोषी.






  1. हेमराज से संबंध छुपाने के लिए आरुषि के अंग साफ किए गए. फॉरेंसिक जांच में भी इसका पता चला. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से भी दुष्कर्म का जिक्र नहीं करने का अनुरोध किया गया.
  2. आरुषि के रूम में ही हेमराज की हत्या की गई. फिर लाश छत पर ले जाई गई. सीढिय़ों पर खून के धब्‍बे सबूत हैं.
  3. सर्जिकल ब्‍लेड से दोनों का गला काटा गया. जिस सफाई से यह काम किया गया है वैसा कोई डॉक्टर ही कर सकता है.
  4. डायनिंग टेबल पर मिली शराब की बोतल पर खून के धब्‍बे थे. डीएनए टेस्ट में खून आरुषि का निकला. कोई बाहरी आदमी हत्या के बाद बैठकर शराब नहीं पिएगा.


ये कहती है यूपी पुलिस-

1 आरुषि का का झुकाव हेमराज की ओर हो गया था और आरुषि उसकी कोई बात नहीं मानती थी.

2 इस कारण तलवार दंपत्ति तनाव में था.  दबी जुबान से लोग उसकी बदनामी करने लगे थे.  इसलिए उसने दोनों को रास्ते से हटाने की सोच ली.

3 तलवार दंपत्ति ने जब 15-16 मई की रात 1 बजे आरुषि को हेमराज के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया तो उसे एकदम गुस्सा आ गया.

4 आरुषि को उसके कमरे में बंद कर हेमराज को समझाने के बहाने छत पर चलने को कहा.  पीछे से उसने सर्वेंट रूम से हैमर और ऑपरेशन करने वाला धारदार नाइफ उठा लिया.
5 गुस्से में आकर हेमराज के सिर पर हैमर मारा जिससे वह दीवार की तरफ गिर गया.  तभी उसने नाइफ से उसका गला काट दिया. तलवार ने हेमराज के शव पर कूलर का पल्ला डाल दिया, ताकि वह किसी को दिखाई न दे और बाद में उसकी लाश को ठिकाने लगा सके.

6 इसके बाद वह नीचे आ गए और आरुषि के कमरे को खोलने के पहले शराब पी.  आरुषि बेड पर लेटी थी.  गुस्से में उसके सिर पर हैमर मारा जिससे वह बेहोश हो गई.  उसके बाद नाइफ से आरुषि का गला काट दिया.
ये कहते हैं तलवार दंपत्ति-

1 दरवाजे पर ऑटोमैटिक लॉक था.  जो बाहर और अंदर से बंद किया जा सकता है.  हत्या के बाद मुख्‍य द्वार को बाहर से खींचकर लॉक किया गया.

2 आरुषि का गला कटा हुआ था.  ऐसे में बेटी को गले कैसे लगा सकते थे.

3 जांच में बोतल के मुंह से हमारा डीएनए नहीं मिला.  बचाव पक्ष ने बताया था कि नौकर के कमरे से बियर, वाइन और विस्की की बोतले पाई गईं.  इन बोतलों में खून के धब्बे भी पाए गए हैं.  क्या यह संभव है कि एक शख्‍स बियर, वाइन और विस्की का एक साथ सेवन करे.

4 यह भी हो सकता है कि हेमराज को छत पर ले जाकर मारा गया हो.  यदि हेमराज को उसी कमरे में मारा गया होता तो तकिया, बेड शीट और कालीन पर हेमराज के खून के निशान क्यों नहीं मिले.  क्या ये हमारे लिए संभव था कि बेडशीट, तकिया और कालीन से हेमराज-आरुषि के खून को अलग-अलग कर सकते थे.