लखनऊ.समाजवादी पार्टी ने 55 मेंबर्स वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की लिस्ट सोमवार को जारी की। अखिलेश यादव (44) पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट होंगे। रामगोपाल यादव को प्रमोट कर चीफ जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है। मुलायम सिंह और शिवपाल यादव का नाम लिस्ट में शामिल नहीं है। इससे एक बार फिर बेटे अखिलेश और पिता मुलायम के बीच दूरियां सामने आ गई हैं। हालांकि, पिछले हफ्ते एक प्रोग्राम में पिता-पुत्र एक मंच पर साथ नजर आए थे और तब कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों के बीच अब चीजें रास्ते पर आ गई हैं।

10 जनरल सेक्रेटरी

- चीफ जनरल सेक्रेटरी रामगोपाल के अलावा 9 लोगों को जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) की जिम्मेदारी दी गई। इनमें आजम खां, बलराम यादव, सुरेन्द्र नागर, नरेश अग्रवाल, रवि प्रकाश वर्मा, विशंभर प्रसाद, अवधेश प्रसाद समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।

- वहीं, मुलायम के करीबी संजय सेठ को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कार्यकारिणी में 37 मेंबर हैं, जबकि जया बच्चन समेत 6 विशेष आमंत्रित मेंबर हैं।

क्या मुलायम सपा के संरक्षक नहीं हैं?

- सपा संरक्षक के तौर पर मुलायम का नाम लिस्ट में शामिल नहीं करने पर पार्टी स्पोक्सपर्सन राजेंद्र चौधरी ने कहा, ''मुझे इस तरह की किसी पोस्ट की जानकारी नहीं है। हमारी पार्टी के संविधान में ऐसी कोई पोस्ट है भी नहीं। मुझे नहीं पता कि वो (मुलायम) संरक्षक हैं या नहीं।''

- बता दें कि सपा में दो फाड़ होने के बाद 1 जनवरी को रामगोपाल यादव ने राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था। इसमें अखिलेश को पार्टी का नया प्रेसिडेंट घोषित किया गया था। वहीं, मुलायम को संरक्षक बनाया गया था। 4 नवंबर, 1992 को पार्टी बनने के बाद से ही मुलायम प्रेसिडेंट थे।​

- इस अधिवेशन से पहले झगड़े की जड़ माने जा रहे राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था, जबकि शिवपाल को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था।

शिवपाल ने अखिलेश को दी थी बधाई

- 5 अक्टूबर को आगरा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश दोबारा नेशनल प्रेसिडेंट चुने गए। इसके बाद अखिलेश 7 तारीख को वो पिता से आशीर्वाद लेने गए थे। दोनों के बीच आधे घंटे बातचीत हुई। अधिवेशन से पहले भी दोनों की मीटिंग हुई थी।

- लगातार मुलाकातों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश-मुलायम के साथ आने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन न तो मुलायम आगरा पहुंचे और न ही शिवपाल। हालांकि तब अखिलेश ने कहा था कि दोबारा नेशनल प्रेसिडेंट चुने जाने पर चाचा शिवपाल ने भी फोन कर उन्हें बधाई दी। शिवपाल ने अखिलेश के लिए बधाई मैसेज ट्वीट किया था। इसके एक दिन बाद अखिलेश और मुलायम लखनऊ में राम मनोहर लोहिया की 50वीं पुण्यतिथि के मौके पर एक मंच पर दिखे थे।

मुलायम ने आगरा चलने को कहा, शिवपाल का इनकार

- सूत्रों के मुताबिक, 4 अक्टूबर को मुलायम ने शिवपाल मिलने के लिए अपने आवास पर बुलाया था। उन्होंने शिवपाल से अधिवेशन में चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। मुलायम ने उन्हें पार्टी में महासचिव बनावाने का ऑफर दिया था, लेकिन शिवपाल नहीं माने।

- बता दें कि 25 सितंबर को मुलायम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें उन्हें सपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का एलान करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने नई पार्टी बनाने वाले प्रेस नोट को पढ़ा ही नहीं। तब से शिवपाल भी मुलायम से खफा बताए जा रहे हैं।