नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने ताज महल पर दिए गए संगीत सोम सिंह के बयान पर और तीखी प्रतिक्रिया दी है. आजम का कहना है कि देश से गुलामी की सभी निशानियों को मिटा देना चाहिए. आजम खान ने कहा है कि अकेले ताज महल ही क्यों, पार्लियामेंट, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, लाल किला ये सब गुलामी की निशानी हैं. बीजेपी के विधायक संगीत सोम द्वारा ताज महल को गद्दारों की निशानी कहने पर आजम ने कहा कि यदि आरएसएस के लोग इन्हें गद्दारों की निशानी कहते हैं तो इन्हें मिटा देना चाहिए.

मेरठ की सरधना सीट से बीजेपी के विधायक संगीत सोम ने सोमवार को कहा था कि ताजमहल को “भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा” बताया है. उन्होंने कहा, ”हम किस इतिहास के बारे में बात कर रहे हैं? ताजमहल के निर्माता (शाहजहां) ने अपने पिता को कैद कर दिया था. वह हिंदुओं को समाप्त करना चाहता था. यदि ये लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं, तो यह हमारे लिए बहुत दुख की बात है और हम इस इतिहास को बदल देंगे.” याद रहे कि शाहजहां ने नहीं, औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को कैद किया था. बाद में संगीत सोम ने इस पूरे प्रकरण में सफाई देते हुए कहा है, "मैं ताजमहल का विरोधी नहीं हूं बल्कि इसे बनाने वाले मुगलों का विरोधी हूं. उन्हें जिस तरह से इतिहास में चित्रित किया गया है, उसका मैं विरोध करता हूं."

 

संगीत सोम के बयान पर AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध किया है. ओवैसी ने कहा है कि लाल किला को भी गद्दार ने ही बनाया है तो क्या पीएम मोदी लाल किला पर तिरंगा नहीं फहराएंगे? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दिल्ली का हैदराबाद हाउस को भी ‘गद्दार’ ने ही बनाया था. क्या मोदी विदेशी मेहमानों को यहां आने से रोकेंगे. क्या मोदी और योगी देसी और विदेशी सैलानियों को ताजमहल नहीं जाने के लिए कहेंगे.”

 

बीजेपी नेता जीवीएल नरसिंह राव ने सोमवार को यह कहते हुए संगीत सोम का बचाव किया कि नेता को अपनी राय देने का हक है. उन्होंने कहा कि संगीत सोम के पास बोलने की स्वतंत्रता है यह उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है और प्रत्येक वक्तव्य पर पार्टी लाइन की आवश्यकता नहीं है.”