ताजमहल को लेकर बीजेपी विधायक संगीत सोम की टिप्‍पणी के बाद बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है. इसी क्रम में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का बयान आया है.

 

वसीम रिजवी के अनुसार ताजमहल प्रेम का प्रतीक हो सकता हे, लेकिन इबादत की जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि एक-दो को छोड़कर ज्यादातर मुगल 'अय्याश' थे और मुसलमान उन्हें आइडल नहीं मानते हैं.

वहीं अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति लगने के विषय पर वसीम रिजवी ने कहा कि ये दुखद है कि राम की मूर्ति लगाने को लेकर विरोध हो रहा है.

 

उन्‍होंने कहा कि यह एक अच्छा कदम है क्योंकि अयोध्या हिंदुओं की विरासत का केंद्र है. उन्होंने कहा कि जब मायावती अपने खुद की मूर्तियां बनवा रही थीं, तब तो किसी ने विरोध नहीं किया था. उन्हें समझ नहीं आता कि राम की मूर्ति को लेकर इस तरह का मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है.

 

बता दें कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को ही ऐलान किया है कि वह जरूरत पड़ने पर सरकार को मूर्ति के लिए जमीन देगा. यही नहीं बोर्ड ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कहा है कि मूर्ति में श्रीराम के तरकश के लिए 10 चांदी के तीर भी बोर्ड देगा.