वॉशिंगटन. यूएन में अमेरिकी एम्बेसडर निक्की हेली ने कहा है, "पाकिस्तान पर नजर रखकर भारत यूएस की मदद कर सकता है। डोनाल्ड ट्रम्प आतंकियों के पनाहगाह बनने को लेकर पाक के साथ सख्त रवैया अपना चुके हैं। भारत के साथ स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप अहम...

 

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक हेली ने कहा कि ट्रम्प ने हाल ही में अफगानिस्तान और साउथ एशिया में आतंकवाद से जंग की नई रणनीति का एलान किया था। अमेरिका की भारत के साथ स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप में विकास की रणनीति अहम साबित हो सकती है।

- "अफगानिस्तान और साउथ एशिया में आतंकियों के सेफ हेवंस बनना अमेरिका के लिए चिंता की बात है। एटमी हथियार आतंकियों के हाथ न लग जाएं, इसके लिए डिप्लोमैटिक और मिलिट्री तरीकों का इस्तेमाल करेंगे। भारत के साथ इकोनॉमिक और सिक्युरिटी पार्टनरशिप की जाएगी।"

आतंकियों का पनाहगाह बनना मंजूर नहीं

- हेली ने कहा, "पाकिस्तान लंबे वक्त से हमारा सहयोगी रहा है। हम इसका सम्मान करते हैं। लेकिन अमेरिका पाक या किसी अन्य सरकार की ये बात बर्दाश्त नहीं कर सकता कि वह आतंकियों को पनाह दे।"

- "अमेरिका चाहता है कि भारत, अफगानिस्तान में विकास के काम में मदद करे। भारत, अफगानिस्तान में स्टेबिलिटी के लिए हमेशा से काम करता रहा है। चूंकि भारत, अफगानिस्तान का पड़ोसी है, लिहाजा हमें उसकी मदद की जरूरत है।"

- "भारत, अफगानिस्तान में इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने में ही मददगार साबित नहीं होगा बल्कि वह पाक पर नजर रखने में भी हमारी मदद करेगा।"

भारत हमारा करीबी दोस्त

- हेली ने कहा कि जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे में भारत को अमेरिका करीबी दोस्त बताया था। ये भी कहा था कि दोस्ती वैल्यूज पर आधारित होगी।

- "ट्रम्प ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सख्ती जता चुके हैं। अगर ईरान के पास एटमी हथियार होंगे तो अमेरिकियों और दुनिया की सुरक्षा के लिए सही नहीं होगा। लेकिन भारत के न्यूक्लियर ताकत बनने पर कोई सवाल नहीं करेगा। क्योंकि भारत में डेमोक्रेसी है और उससे किसी को खतरा नहीं है।"

- "भारत और अमेरिका दोनों आतंकवाद से पीड़ित हैं और आतंकी मंसूबों को हराने के लिए कमिटेड हैं।"

PAK ने कई साल हमारा फायदा लिया, सही रिश्ते की शुरुआत तो अब हुई: ट्रम्प

- ट्रम्प ने 13 अक्टूबर को ट्वीट किया था, "पाकिस्तान और उसके नेताओं के साथ बेहतर रिश्तों की शुरुआत हुई है। कई मुद्दों पर सहयोग देने के लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ने मुश्किल हालात में साथ दिया है।"

ट्रम्प का बयान तब आया है जब पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क के कब्जे से एक अमेरिकी-कनाडाई फैमिली को रिहा कराया। 

- कैटलन और जोशुआ को 2012 में अफगानिस्तान में अगवा कर लिया गया था। बंधक में रहने के दौरान ही उनके 3 बच्चों का जन्म हुआ।

- 12 अगस्त को अमेरिकी इंटेलिजेंस की मदद से पाकिस्तान की फोर्स ने इन पांचों को आतंकियों से छुड़ा लिया।