आज के दौर में इंसान दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत करता है. लोग रोटी के एक निवाले के लिए कितनी मशक्कत करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं एक ऐसी भी महिला है जो पिछले कई सालों से बिना अन्न के रह रही हैं.

 

75 साल की सरस्वती बाई को भले ही पिछले 60 सालों से बिना अनाज खाये जिंदा जीने की आदत हो गई हो, लेकिन आम लोगों के लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं है.

 

मध्य प्रदेश के धामनोद में रहने वाली 75 साल की बुजर्ग सरस्वती बाई की कहानी सुनकह हर कोई दंग रह जाता है क्योंकि उन्होंने पिछले 60 साल से अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है. बिना अन्न खाय बस चाय और पानी के दम पर न सिर्फ वो आज तक जिंदा है बल्कि बगैर खाए वो खेत में घंटों अपना पसीना भी बहाती थीं.

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी हालत में और बहुत कम उम्र में वो पांच बच्चों की मां भी बनीं. सरस्वती बाई की शादी द्वारका प्रसाद पाटीदार से हो गई थी और वो कम उम्र में ही मां भी बन गईं. पहली डिलीवरी में उन्होंने एक लड़की को जन्म दिया और मां बनते ही उनकी तबियत खराब हो गई.सरस्वती बाई को टाइफाइड हो गया था जिसके चलते उनकी आंते सिकुड़ गई और वो जो भी खाती थीं उन्हें उल्टी हो जाती थी. हालांकि इलाज कराने की वजह से कुछ समय बाद उनकी तबीयत तो ठीक हो गई लेकिन उन्हें अन्न से नफरत सी हो गई.

 

बीमारी से ठीक होने के बाद सरस्वती बाई को कुछ भी खाने का मन नहीं करता था और जब भी वो कुछ खाने की कोशिश करतीं, उन्हें उल्टी हो जाती.

 

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद से ही सरस्वती बाई को खाने से एलर्जी हो गई और सरस्वती बाई की इस हालत को देखकर उनके पति काफी परेशान हुए. जिसके बाद इंदौर जाकर उन्होंने कई डॉक्टरों से सरस्वती बाई का इलाज करवाया. लेकिन कोई भी डॉक्टर उनका खाना शुरू नहीं करवा पाया.

 

सरस्वती बाई बिना अन्न खाए सालों से पानी और चाय की खुराक पर ही जिंदा हैं. इसके अलावा हफ्ते में वो एक केला खा लेती हैं. इतना ही नहीं किसी समारोह या शादी-ब्याह में शरीक होने के बाद भी वो अन्न का एक दाना नहीं खातीं.