लखनऊ । अखिलेश यादव के सपा प्रमुख की बागडोर संभालने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे अहम माना जाने वाला यादव कुनबा दीपावाली पर एक होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को दीपावली के मौके पर इटावा के सैफई में मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव एक साथ दिखाई दिए। तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी से मौके पर उपस्थित तमाम कार्यकर्ताआं में उत्साह दिखाई देने लगा। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीनों से अखिलेश यादव के रिश्ते अपने पिता मुलायम सिंह और चाचा शिवपाल यादव से खट्टे हैं। हालांकि तीनों में किसी ने सीधे तौर पर किसी के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन सार्वजनिक मंच से तंज जरूर कसे हैं।

 

मुलायम और रामगोपाल में एक घंटा बातचीत

 

इससे पहले मुलायम सिंह यादव बुधवार को प्रो रामगोपाल यादव से मिलने उनके घर पहुंचे। इस दौरान दोनों के बीच करीब घंटा भर तक बातचीत हुई। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई। इसकी जानकारी तो उन्होंने सार्वजनिक नहीं की लेकिन मुलायम के इस कदम को यादव परिवार में एकजुटता की वापसी के तौर पर देखा जाने लगा था। इसके बाद गुरुवार को अखिलेश और शिवपाल के एक साथ मुलायम के साथ आने पर यह पुख्ता हो गया।

 

वनवास तो भगवान राम ने भी भोगा 

 

सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह का कहना है कि वनवास तो भगवान राम को भी भोगना पड़ा था लेकिन 14 वर्ष बाद उनका राजतिलक भी हुआ था। पूर्व सांसद स्व. हरमोहन सिंह यादव के जन्मदिवस पर मेहरबान सिंह का पुरवा में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आए श्री यादव के भाषण में उनका दर्द तब छलक आया जब उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अगर मनुष्यों की सेना बनाई होती तो शायद वह भी धोखा खा जाते। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए चापलूसी और चुगलखोरी करने वालों को जमकर आड़े हाथों लिया।