लखनऊ.लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर 24 अक्टूबर को एयरफोर्स के 20 फाइटर प्लेन लैंडिंग और टेक ऑफ करेंगे। उससे पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों को आज से 24 अक्टूबर के लिए बंद कर दिया गया है। इस एक्सरसाइज में जगुआर, सुखोई, मिराज और मिग कैटेगरी के फाइटर प्लेन शामिल हैं। इनके अलावा एमआई-17 हेलिकॉप्टर, कैरियर एयरक्राफ्ट हरक्यूलिस-सी 17 भी उड़ान भरेंगे। 24 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी कैबिनेट की मौजूदगी में एअरफोर्स के फाइटर प्लेन अपने करतब दिखाएंगे। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे कुछ हिस्से हुए बंद

 

 

-सुरक्षा के लिहाज से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को आज से 24 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। 24 अक्टूबर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर उन्नाव स्थित हवाई पट्टी पर एअरफोर्स फाइटर प्लेन को उतारने की रिहर्सल के चलते यह फैसला लिया गया है। 24 अक्टूबर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर उन्नाव स्थित हवाई पट्टी पर होने वाले इंडियन एअरफोर्स के फाइटर प्लेन करतबों को दिखाया जाएगा।

 

- इसकी सही टाइमिंग और सुरक्षा के लिहाज से फाइटर प्लेन की प्रैक्टिस के लिए 20 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक रिहर्सल किया जाएगा। इस दौरान एक्सप्रेस वे पर आने-जाने वाले सभी गाड़ियों को रोक दिया जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के चैनेज 219-324 पर अरौल इण्टरचेन्ज (कानपुर) से लखनऊ तक रहेगा। यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जानकारी दी गई है।

 

- यूपीडा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है, "आगरा से लखनऊ की ओर आने वाली गाड़ियां अरौल (जिला कानपुर) में एक्सप्रेस-वे से उतरने के बाद 6 किलोमीटर कानपुर की ओर चलकर बिल्लौर-बांगरमऊ मार्ग की तरफ मुड़ेंगे। बांगरमऊ से मियागंज, हसनगंज और मोहान होते हुए लखनऊ पहुंचा जा सकेगा। लखनऊ से आगरा जाने वाले वाहन भी इसी रास्ते से जाएंगे।

 

- अरौल इण्टरचेन्ज से बिल्लौर-बांगरमऊ मार्ग मोड़ तक की दूरी 6 किलोमीटर, बांगरमऊ तक की दूरी 23 किलोमीटर और बांगरमऊ से मियागंज-हसनगंज-मोहान होते हुए लखनऊ तक की दूरी 68 किलोमीटर है।

 

बड़े फाइटर प्लेन के शो को दिखाने की तैयारी

- 24 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी कैबिनेट की मौजूदगी में एअरफोर्स के फाइटर प्लेन अपने करतब दिखाएंगे। इसके पहले 2016 में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के दौरान एअरफोर्स के फाइटर प्लेन को उतारने का प्लान बनाया था।

- लेकिन किन्हीं टेक्निकल कमियों के चलते फाइटर मिग 21 लैंड नहीं हो सका था, जिसमें वो सिर्फ एक्सप्रेस वे को छू कर निकला था। अब उसी एक्सप्रेस वे पर सीएम योगी आदित्यनाथ फाइटर प्लेन को देंखेगे।

 

पहली बार एक्सप्रेस-वे पर इतनी बड़ी एक्सरसाइज

- देश में पहली बार किसी एक्सप्रेस-वे पर इतने बड़े स्तर पर फाइटर प्लेन से एक्सरसाइज की जाएगी। इसमें जंग के दौरान फाइटर प्लेन के लिए होने वाली तैयारियों को परखा जाएगा।

 

UP में एयर स्ट्रिप वाले 3 एक्सप्रेस-वे होंगे

- नोएडा से आगरा के बीच बना यमुना एक्सप्रेस-वे देश का पहला एक्सप्रेस-वे है, जहां एयरफोर्स ने फाइटर प्लेन जगुआर को उतारा था। इसके बाद इसी तरह की एयर स्ट्रिप लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई।

 

- अब लखनऊ से बलिया तक बनने जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी इसी तरह की एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इसके बन जाने के बाद यूपी में तीन एक्सप्रेस-वे हो जाएंगे, जहां फाइटर प्लेन उतारने की फैसिलिटी होगी।

 

एक्सप्रेस-वे पर एयर स्ट्रिप क्यों बनाई जा रही?

- जंग के दौरान सबसे पहले हवाई हमले एयरबेस और एयरपोर्ट पर ही किए जाते हैं, ताकि फाइटर प्लेन उड़ान न भर सकें। ऐसे में, एक्सप्रेस-वे पर बनी एयर स्ट्रिप ही फाइटर प्लेन के लैंड करने और टेक ऑफ करने के काम आती है। इसी बात का ध्यान रखते हुए एयरफोर्स चाहती थी कि देश में स्ट्रैटजिकल इम्पॉर्टेंस वाले हाईवे पर एयर स्ट्रिप बनाई जाएं।

 

इससे पहले भी टच डाउन कर चुके फाइटर प्लेन

- इससे पहले 21 नवंबर को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के इनॉगरेशन के वक्त मिराज और सुखोई विमानों ने यहां टच डाउन किया था। उस प्रोग्राम में राज्य के उस वक्त के सीएम अखिलेश यादव और मुलायम सिंह भी मौजूद थे।

 

302 किलोमीटर का है लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे

- 302 किलोमीटर का यह एक्सप्रेस-वे अखिलेश सरकार में बना था। ये रिकॉर्ड 22 महीने में बन कर तैयार हुआ है। इसकी लागत करीब 13 हजार 200 करोड़ है। यह देश का सबसे लंबा सिक्स लेन एक्सप्रेस वे है, जिसे एट लेन तक किया जा सकता है।