थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार आ रहा है, जो कुछ भी हो रहा है उसमें आतंकियों की बौखलाहट नजर आ रही है। पाकिस्तान में आतंकी कैंप अभी भी चल रहे हैं। हमने पहले सर्जिकल स्ट्राइक का विकल्प चुना था। हमारे पास और भी विकल्प हैं। 

उन्होंने कहा कि कश्मीर में सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है। राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन लोगों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग से दूर रहने के लिए काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरवाद की तरफ धकेलने का प्रयास हो रहा है। यह पूरे विश्व में हो रहा है। हम इसका समाधान गंभीरता से कर रहे हैं।

 

-सेनाध्यक्ष ने दिलाया भरोसा, कश्मीर की स्थिति सुधरी, जो हो रहा वो आतंकियों की बौखलाहट

सेना की 47वीं सशस्त्र रेजीमेंट के स्टैंडर्ड प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में सुंजवा मिलेट्री स्टेशन जम्मू में हिस्सा लेने पहुंचे रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कश्मीर में हम सरकार के दिशा निर्देश के साथ चल रहे हैं। एनआइए की छापेमारी इसका एक हिस्सा है। इससे मिली सफलता भविष्य में सामने आएगी। 

गौरतलब है कि थल सेना प्रमुख ने गत 18 अक्टूबर को कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा परिदृश्य का जायजा लिया था। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के प्रयासों को नाकाम करने के लिए अपनाई जा रही रणनीति की समीक्षा भी की थी।

 

पाकिस्तान से बातचीत का फैसला राजनीतिक स्तर पर 

उन्होंने कहा कि सेना को जो जिम्मेवारी मिली है, उसे हम बखूबी निभा रहे हैं। जहां तक पाकिस्तान के साथ बातचीत का सवाल है तो इस पर फैसला राजनीतिक स्तर पर किया जाना है। सेना एजूकेशन कोर को बंद करने के लिए कहा गया है। इस पर विचार विमर्श चल रहा है। अगर इसे बंद करना है तो इस काम में समय लगेगा।

 

पाकिस्तान ने फिर की गोलाबारी, पोर्टर की मौत 

पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखते हुए उत्तरी कश्मीर के उड़ी में भारतीय ठिकानों पर गोलाबारी की। इसमें सेना के साथ काम करने वाले एक पोर्टर की मौत हो गई और दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। भारत ने भी करारा जवाब दिया। सीमांत क्षेत्रों में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया है। सुबह करीब नौ बजे उड़ी के कमलकोट इलाके में पाकिस्तानी सेना ने अकारण फायङ्क्षरग कर दी। उस समय इलाके में अधिकांश लोग खेतों में काम कर रहे थे।

 

ग्रामीणों को निशाना बनाते हुए मोर्टार भी दागने शुरू कर दिए, जो खेतों और घरों के आसपास गिरे। इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस बीच, एक गोला 22 वर्षीय अब्बास हुसैन शाह पुत्र सैयद मजलूम हुसैन निवासी माडियां कमलकोट के पास गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब्बास सेना में पोर्टर के रूप में काम करता था और शंकर पोस्ट पर तैनात था। गोलाबारी में दो युवतियां भी जख्मी हो गईं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गत शुक्रवार को भी पाकिस्तान ने जम्मू के अखनूर में नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी की थी, जिसमें सेना का एक जवान घायल हो गया।