गांधीनगर​. चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को फिर गुजरात के भावनगर पहुंचे। यहां घोघा में 650 करोड़ रुपए की लागत वाली घोघा-दहेज रो-रो फेरी सर्विस के पहले फेज का इनॉगरेशन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा - "ये फेरी सर्विस भारत ही नहीं दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन सारा काम मेरे नसीब में लिखा है। मैं यहां की सरकार को और जनता को इस विशाल प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस प्रोजेक्ट के साथ साढ़े छह करोड़ गुजरातियों को एक बहुत बड़ा सपना पूरा हो रहा है। मोदी ने और क्या कहा...

 

कभी यहां 84 देशों के झंडे यहां फहरते थे

- मोदी ने कहा- "मेरे प्यारे भाइयों एक विवाद का विषय है कि सबसे पहले मनुष्य ने तैरना सीखा या पहले पहिया बनाना सीखा। लेकिन यह सही है कि मानव जात ने नाव से नदी पार करना आसान माना। गुजरात का तो हजारों साल का सामुद्रिक यात्रा का इतिहास रहा है। नाव यहां बनती थी। 84 देशों के झंडे यहां फहरते थे। 1700 साल पहले अनेक देशों के बच्चे हमारे यहां पढ़ते थे, लेकिन न जाने क्या हुआ कि सब इतिहास में दब गया।"

फेरी सर्विस करोड़ों लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगी

- मोदी ने कहा- " घोघा-दहेज के बीच यह फेरी सर्विस करोड़ों लोगों की जिंदगी को न सिर्फ आसान बनाएगी, बल्कि उन्हें करीब भी लाएगी। आज दुनिया में कोई भी 24 के 25 घंटे नहीं कर सकता। लेकिन गुजरात सरकार है जो एक घंटे का सफर करके 7 घंटे की सौगात दे सकती है। 

- "सौराष्ट और दक्षिण गुजरात के बीच करीब 12000 लोग यात्रा करते हैं। 5000 से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती हैं। लेकिन यही दूरी समुद्र के रास्ते होगी, तो यही दूरी 31 किलोमीटर हो जाएगी। 500 लोग, 100 कारें, 100 ट्रक लेकर यह फेरी अपने साथ लेकर जा सकती है।"

सालों से कोने में पड़ा था यह प्रोजेक्ट

- नरेंद्र मोदी ने कहा- "मैं जब मुख्यमंत्री बना और खोज खबर ली और चर्चा की तो पता चला यह प्रोजेक्ट दशकों से किसी कोने में पड़ा था। मैंने देखा की इतनी स्ट्रक्चरल गलतियां की गई थीं। जो फेरी चलाने वाले थे उन्हीं से टर्मिनल बनाने का कहा जा रहा था। रो-रो सर्विस ने उनसे कह दिया- आपको करना हो तो करो। 

- "हमने पुरानी सरकार की नीतियां बदल दीं। हमने तय किया कि टर्मिनल सरकार बनाएगी। फेरियां चलाने का काम प्राइवेट कंपनियां करेंगी। हमने तय किया कि इससे प्राइवेट कंपनियों को होने वाले लाभ में सरकार की भी हिस्सेदारी रहेगी। नतीजतन आज रो रो सर्विस शुरू हो रही है।"

पिछली सरकार ने मुझे काम नहीं करने दिया

- नरेंद्र मोदी ने कहा- "मैं मुख्यमंत्री था तो भारत सरकार में कुछ लोग ऐसे बैठे थे जिन्होंने पूरे गुजरात पर विकास का प्रतिबंध लगा दिया था। मैं जानता हूं कि मैंने कितनी कठिनाइयों से गुजरात को आगे बढ़ाने का काम किया। यह प्रोजेक्ट काफी मुश्किल भरा था। वरुण देव हमारी परीक्षा लेते रहे। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब जब सेतु बनाने में बाधा आई समुद्र मंथन से ही अमृत निकला।"

क्या है रो-रो फेरी सर्विस?

- साउथ गुजरात के दहेज और सौराष्ट्र के घोघा के बीच सड़क के रास्ते करीब 310 किलोमीटर की दूरी है। रो-रो फेरी सर्विस के जरिए यह दूरी समुद्री रास्ते से घटाकर करीब 31 किलोमीटर कर देगी।

- पहले यह दूरी बस से तय करनी होती थी। रातभर का सफर करना होता था। इस प्रोजेक्ट की नींव मोदी ने ही बतौर सीएम जनवरी 2012 में रखी थी।

- पहले फेज में इसके जरिए लोग घोघा और दहेज के बीच शिप से आना- जाना कर सकेंगे, जबकि दूसरे फेज में गाड़ी समेत आ-जा सकेंगे।

पिछली बार 16 अक्टूबर को गुजरात पहुंचे थे मोदी

- बीते करीब सवा महीने (38 दिन) में मोदी का यह पांचवां गुजरात दौरा है।

- इससे पहले वे 16 अक्टूबर को गुजरात गौरव यात्रा के समापन के मौके पर राज्य के दौरे पर पहुंचे थे।

- 7 अक्टूबर को वे दो दिन के गुजरात दौरे पर थे। तब उन्होंने राजकोट, वडनगर और गांधीनगर में डेवलपमेंट के कई प्रोजेक्ट्स की नींव रखी थी। कुछ प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन भी किया था। पीएम 8 अक्टूबर को अपने गांव वडनगर भी गए थे और आसपास के इलाके में रोड शो भी किया था।

- इसके बाद, 17 सितंबर को वे अपने बर्थडे पर भी राज्य में थे।

- इससे पहले 14 सितंबर को उन्होंने जापान के पीएम शिंजो आबे के साथ अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन की नींव रखी थी।