नयी दिल्ली : कांग्रेस ने सोमवार को मांग की कि चुनाव आयोग को तुरंत गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा कर राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू करनी चाहिए. पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव से भाजपा के बचने के प्रयासों में पक्ष नहीं बनना चाहिए. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा गुजरात विधानसभा चुनाव में विलंब करवाने का प्रयास कर रही है तथा प्रधानमंत्री द्वारा की जा रही घोषणाओं के साथ राज्य के लोगों को अंतिम समय में लुभाने का प्रयास किया जा रहा है. 

 

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, चुनाव आयोग भाजपा द्वारा चुनाव से बचने के प्रयासों में एक अनावश्यक पक्ष क्यों बन रहा है. चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व और कर्तव्य है. उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि चुनाव आयोग गुजरात में तुरंत चुनाव घोषित करे तथा आचार संहिता लागू करे ताकि इन आरोपों को रोका जा सके कि गुजरात में बस छल हो रहा है. कांग्रेस द्वारा संवैधानिक संस्था की आलोचना करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पी चिदंबरम ने कहा कि यदि चुनाव आयोग से सवाल नहीं करेंगे तो क्या करें? उन्होंने सवाल किया कि क्या लोगों को आयोग से विनती करनी चाहिए.

 

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, यदि नागरिक चुनाव आयोग से सवाल नहीं कर सकते तो कृपया हमें बताइये कि किससे बात कर सकते हैं. और नागरिकों को क्या करना चाहिए, चुनाव आयोग से विनती करनी चाहिए. तिवारी ने कहा कि भाजपा इस बात से अवगत है कि गुजरात में उसकी सरकार का फिर से आना मुश्किल है. वे हताश हैं. धन और बल सहित सभी उपाय किये जा रहे हैं. गुजरात को किसी भी तरह से बचाये रखने के लिए प्रधानमंत्री ने एक तरह से राजधानी को दिल्ली से बदलकर गांधीनगर कर दिया है.

 

अपने खिलाफ आरोपों पर चुनाव आयोग द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण पर तिवारी ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह कोई बहुत विशेष बात नहीं है. तिवारी ने कहा, मूलभूत प्रश्न है कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश एवं गुजरात के चुनाव साथ-साथ कराने की समय पर खरी उतरी परंपरा से विचलन क्यों किया. उन्होंने सवाल किया, गुजरात चुनाव की तारीख घोषित क्यों नहीं की गयी. आचार संहिता को लागू क्यों नहीं किया गया. कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह से घटनाक्रम हो रहे हैं उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा की स्थिति डांवाडोल है तथा वे चुनाव से भाग रहे हैं. उन्होंने कहा, वे इस बात का सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं कि चुनाव को यथासंभव टाला जा सके, ताकि प्रधानमंत्री कम समय में अधिक से अधिक घोषणाएं कर सकें. तिवारी ने कहा, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया में एक पक्ष बन रहा है.