वो असम का टारजन है. बाल बच्चों वाला शादीशुदा टारजन हैं. काम करता है. लंबेकद के टारजन में कई लोगों की ताकत है. लेकिन बस वह कपड़ों से कोसों दूर भागता है.

टारजन असम के वेस्ट किरबी अंगलांग जिले के एक पहाड़ी गांव में रहता है. सामान्य जिंदगी गुजारता है. लेकिन लोग उसे सामान्य इसलिए नहीं मानते क्योंकि उसे कपड़ों से सख्त परहेज है. चाहे जो हो जाए लेकिन कपड़े नहीं पहनने.

 

टारजन को मंजूर नहीं 

ऐसा नहीं कि लोगों ने कोशिश नहीं की कि टारजन गांव में कपड़े पहनकर आए लेकिन उसको ये मंजूर नहीं. बरसों से ऐसी सारी कोशिश नाकाम होती रही है. उसकी उम्र तीस के पार है. पूरा गांव ही उसे टारजन कहता है, हालांकि उसका एक नाम भी है, ये है ओंग बे.

वो असम का टारजन है. बाल बच्चों वाला शादीशुदा टारजन हैं. काम करता है. लंबेकद के टारजन में कई लोगों की ताकत है. लेकिन बस वह कपड़ों से कोसों दूर भागता है.

टारजन असम के वेस्ट किरबी अंगलांग जिले के एक पहाड़ी गांव में रहता है. सामान्य जिंदगी गुजारता है. लेकिन लोग उसे सामान्य इसलिए नहीं मानते क्योंकि उसे कपड़ों से सख्त परहेज है. चाहे जो हो जाए लेकिन कपड़े नहीं पहनने.

 

टारजन को मंजूर नहीं 

ऐसा नहीं कि लोगों ने कोशिश नहीं की कि टारजन गांव में कपड़े पहनकर आए लेकिन उसको ये मंजूर नहीं. बरसों से ऐसी सारी कोशिश नाकाम होती रही है. उसकी उम्र तीस के पार है. पूरा गांव ही उसे टारजन कहता है, हालांकि उसका एक नाम भी है, ये है ओंग बे.