अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 शतक पूरा करने वाले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने रविवार को कहा कि जैसे आंकड़े दिखाते है सफर उतना लंबा नहीं रहा। कोहली ने श्री लंका के खिलाफ पहले टेस्ट के आखिरी दिन शतक लगाकर भारत की दूसरी पारी को संवारा। टेस्ट क्रिकेट में यह उनका 18वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50वां शतक है। 

कोहली ने कहा कि उनके लिये रेकॉर्ड सिर्फ नंबर भर है। श्री लंका के खिलाफ मैच ड्रॉ होने के बाद उन्होंने कहा, 'इससे (50 शतक) अच्छा लगता है। लेकिन मेरा सफर इतना लंबा नहीं रहा है। शतकों की संख्या के बारे में सोचने की जगह अगर मैं अपने प्रदर्शन में सुधार कर सका तो इससे मुझे ज्यादा खुशी मिलेगी। जब तक मैं क्रिकेट खेलूंगा मेरी यही सोच रहेगी।' 

 

कोहली के नाबाद 104 रन के दम पर भारत ने दूसरी पारी आठ विकेट पर 352 बना कर घोषित कर दी जिससे श्री लंका के सामने जीत के लिए एक सेशन में 231 रन बनाने का असंभव सा का लक्ष्य था। लक्ष्य श्री लंका के बल्लेबाजों की पहुंच से दूर था लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने पूरे दमखम से गेंदबाजी कर खराब रोशनी के कारण मैच खत्म होने तक 75 रन पर उनके सात विकेट गिरा दिए थे। पढ़ें: कोलकाता में जीत के करीब आकर भी दूर रहा भारत 

 

 

कोहली से पूछा गया कि आखिरी सेशन में टीम के दिमाग में क्या चल रहा था तो उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मैच का काफी समय खराब होने के बाद भी टीम के खिलाड़ियों ने जो जज्बा दिखाया उससे वह काफी खुश हैं। देखें: भारत बनाम श्री लंका, कोलकाता टेस्ट स्कोरकार्ड 

 

उन्होंने कहा, 'हमारे पास जो भी था उसमें इस मैच से कुछ हासिल करना जरूरी था। पांच दिनों में परिस्थितियों में काफी बदलाव आया। मैच के पहले या दूसरे दिन तक पिछड़े रहने के बाद हमें जज्बा दिखाना था। भारतीय कप्तान ने कहा, 'टीम ने काफी जज्बा दिखाया, हम बल्लेबाजी में बिखरने के बारे में नहीं सोच रहे थे। हमें अपने मजबूत पक्ष पर भरोसा था। अगर आप मानसिक रूप से मजबूत नहीं है तो ऐसी विकेट पर खेलना मुश्किल हो जाता है। हमने जिस तरह मैच खत्म किया उस पर मुझे गर्व है।