आगरा में ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में हॉकरों को सामान बेचने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है.

 

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी है. यह आदेश चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस एम के गुप्ता की खण्डपीठ ने दिया है.

 

याचिकाकर्ता संजय राठौर और 39 अन्य हॉकरों ने याचिका में आरोप लगाया था कि ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में उन्हें व्यापार नहीं करने दिया जा रहा है. जबकि कुछ वेंडर्स अधिकारियों की मिलीभगत से दुकान लगाकर कारोबार कर रहे हैं.

 

याचिका में मांग की गई थी या तो सामान बेचने वाले वेंडर्स पर भी रोक लगायी जाये या फिर उन्हें भी सामान बेचने की अनुमति प्रदान की जाये.कोर्ट ने कहा कि अगर रिश्वत खोरी हो रही है तो सम्बन्धित विभाग और एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत करें. कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई अन्य समस्या है तो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करें. याचियों का कहना था कि चूंकि ताजमहल पर राज्य सरकार का नियंत्रण है और कमिश्नर और नगर आयुक्त ही इसकी व्यवस्था देखते हैं. लिहाजा उनकी मांग पर विचार किया जाना चाहिए. लेकिन कोर्ट ने याचियों की दलील को सही नहीं माना और याचिका खारिज कर दी.