नई दिल्ली-बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस हाल ही में दुर्घटना से बाल-बाल बच गई. रेलवे स्टाफ की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया. मिली खबर के अनुसार नागपुर से 38 किमी पहले तामसा स्टेशन के पास अचानक झटका लगने से चालक ने ट्रेन रोककर जांच की तो पता चला कि जनरेटर के फ्यूल टैंक में बड़ा छेद हो गया था. इससे डीजल बाहर गिर रहा था. यहां कर्मचारियों ने आनन-फानन में लकड़ी का टुकड़ा लगाकर छेद बंद किया. इसी हालत में ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पहुंची.

 

बिलासपुर के कोचिंग डिपो में राजधानी एक्सप्रेस के फ्यूल टैंक की मरम्मत की गई. घटना बुधवार 22 नवंबर की बताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक नई दिल्ली से व्हाया नागपुर होते हुए बिलासपुर पहुंचने वाली राजधानी एक्सप्रेस समय पर चल रही थी. नागपुर स्टेशन के बाद ट्रेन 35 से 40 किलोमीटर का फासला तय की थी कि अचानक तामसा स्टेशन के पास ड्राइवर को झटका महसूस हुआ. इसे गंभीरता से लेते हुए ट्रेन रोककर जांच की गई.

 

मिली जानकारी के मुताबिक घटना की सूचना रायपुर को भी थी. इसलिए वहां भी संबंधित विभाग ने जांच की, लेकिन यहां भी स्थाई मरम्मत की व्यवस्था नहीं थी. इसलिए ऐसे ही ट्रेन को रवाना कर दिया गया. बिलासपुर पहुंचने के बाद कोचिंग डिपो में स्थाई मरम्मत हुई.

 

बता दें कि राजधानी एक्सप्रेस में दो जनरेटर लगे होते हैं. यह डीजल से चलते हैं. इसके लिए फ्यूल टैंक होता है. चूंकि एक ही जनरेटर के टैंक क्षतिग्रस्त हुआ था. दूसरा ठीक था. इसलिए परिचालन केवल एक घंटे ही प्रभावित हुआ. हालांकि रेलवे प्रबंधन अधिकारिक तौर पर मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है.

 

हो सकती थी आगजनी

सूत्रों के मुताबिक क्षतिग्रस्त फ्यूल टैंक से डीजल गिर रहा था. इसी से खतरा था. दरअसल परिचालन के दौरान हल्की भी चिंगारी उठती और डीजल पर गिरती तो आगजनी की घटना हो सकती थी. इसके अलावा किसी भारी सामान का टैंक में टकराने की बात कही गई थी. इससे ट्रेन के बेपटरी होने की आशंका रहती है. हालांकि बुधवार को इस घटना की सूचना मिलने के बाद रेल प्रशासन सतर्क हो गया. ट्रेन बिलासपुर पहुंची तो यहां जांच की गई. गुरुवार को यह ट्रेन बिलासपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना होती है. इसलिए छूटने से पहले अफसरों की तीन सदस्यीय टीम ने पिट लाइन में जांच की.