चित्रकूट के मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार तड़के हुए रेल हादसे में गोवा से पटना जा रही वास्कोडिगामा एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि करीब दर्जन भर यात्री घायल हो गए.

 

जिस समय यह हादसा हो गया उस समय सुबह के 4.22 बजे थे. सुपरफास्ट होने की वजह से ट्रेन लूप लाइन से होकर गुजर रही थी. तभी तेज धमाके के साथ बोगियों में धुआं भर गया. मैं समझ गया कि ट्रेन बेपटरी हो गई है, ये कहना था ट्रेन में सफ़र कर रहे राजेंद्र मिश्रा का.

 

राजेंद्र मिश्रा वास्कोडिगामा एक्सप्रेस से उत्तर प्रदेश के मुगलसराय जा रहे थे. मिश्रा ने बताया कि वह S-5 कोच के मिडिल बर्थ पर सोए हुए थे. ट्रेन अपनी रफ़्तार में थी. अचानक से तेज आवाज के साथ बोगी में धुआं भर गया. मैं तो समझ गया कि ट्रेन पटरी से उतर गई है. लेकिन मेरी बर्थ सही सलामत थी. लेकिन पूरी बोगी में धुल ही धुल थी.

 

मिश्रा ने बताया कि तीन लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई. उनके कोच में एक महिला सीट के नीचे दब गई थी. उन्होंने उसे निकाला और प्लेटफार्म पर लेकर आए. उसके बाद वे उसे सीएचसी लेकर गए. जहां से महिला को चित्रकूट रेफर कर दिया गया.

इस बीच उत्तर मघ्य रेलवे सीपीआरओ का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की वजह बतायी जा सकेगी. इसके साथ ही उन्होंने इस हादसे की वजह से रेल रुट के प्रभावित न होने की जानकारी दी है.

 

हालांकि हादसे की वजह से इलाहाबाद झांसी पैसेन्जर और इलाहाबाद चित्रकूट स्पेशल ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है. जबकि इटारसी छिंवकी के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को आंशिक रुप से निरस्त किया गया है. आज ये ट्रेन छिंवकी से सतना के बीच नही चलेगी.

 

वहीं इस हादसे में मरने वालों के लिए रेलवे ने पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. साथ ही ट्रेन पलटने से गंभीर घायलों को एक लाख रुपये जबकि घायलों को पचास हजार रुपया मुआवजा रेलवे की ओर दिया जाएगा. इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि हादसे में सुरक्षित बचे यात्रियों को स्पेशल ट्रेन के जरिये पटना भेजा जा रहा है.