नई दिल्ली । वित्त मंत्रालय ने ट्वीट के द्वारा यह कहा कि सरकार का चेक बुक को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ हिस्सों में उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निकट भविष्य में चेकबुक सुविधा वापस ले सकती है।

 

वित्त मंत्रालय के ट्विटर हैंडल ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर यह सफाई दी कि मीडिया में चल रहे इस तरह के बयान के बारे में सरकार की कोई योजना नहीं है।

 

मंत्रालय ने यह कहा कि सरकार देश को लैस कैश अर्थव्यवस्था में बदलने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। लेकिन चेक भुगतान परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है। इसमें कहा गया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के रूप में चेक व्यापार और वाणिज्य की मजबूत कड़ी है।

 

क्या लिखा वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में-

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में लिखा है कि भारत सरकार ने इस बात की पुष्टी की है कि बैंकों की तरफ से चेकबुक सुविधा वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह बातें सामने आ रही थीं कि वित्त मंत्रालय देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उदेश्य से भविष्य में चेक बुक सुविधा बंद कर सकता है। सरकार की ओर से इस तथ्य को नकार दिया जा चुका है और पुष्टी की है कि इस तरह कोई प्रस्ताव नहीं है।