- डॉ. दीपक आचार्य,
सहायक निदेशक (सूचना एवं जनसम्पर्क)

भीलवाड़ा,
औद्योगिक विकास और विस्तार की दृष्टि से राजस्थान का भीलवाड़ा जिला अग्रणी रहा है। जिले में बहुआयामी उद्योगों का समन्वयपूर्ण परिवेश जहाँ औद्योगिक गतिविधियों का दिग्दर्शन कराता है वहीं वस्त्र उद्योग के मामले में भीलवाड़ा देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

भीलवाड़ा जिले में हाल के वर्षों में औद्योगिक विकास की रफ्तार ने उद्योेगों और इनसे संबंधित सभी क्षेत्रों में व्यापक उपलब्धियां हासिल की हैं और इससे अंचल भर में आर्थिक विकास के साथ ही समाज-जीवन के सभी क्षेत्रों में तरक्की का अहसास होने लगा है।

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की औद्योगिक प्रगति की रफ्तार को तेज करते हुए प्रदेश को देश में औद्योगिक तरक्की में अग्रणी और अनुकरणीय पहचान दिलाने के प्रयास रंग ला रहे हैं।

भीलवाड़ा जिले में भी सरकार के बहुआयामी प्रयासों ने औद्योगिक विकास को उल्लेखनीय गति देते हुए बेहतर उपलब्धियों से साक्षात करवाया  है।

 भीलवाड़ा जिले के औद्योगिक विकास में विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं, उद्यमियों, प्रतिष्ठानों, कंपनियों और उद्योगपतियों तथा उद्योगों से जुड़े हुए लोगों के आत्मीय प्रयासों और सहभागिता ने औद्योगिक विकास का सुनहरा परिदृश्य दर्शाया है।

इस दिशा में जिला उद्योग केन्द्र की गतिविधियों ने प्रभावी भूमिका का निर्वाह किया है। वर्तमान राज्य सरकार के पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में जिला उद्योग केन्द्र द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में खासी उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

जिले में 11 हजार 637 नए उद्योगों का पंजीयन कर आधार जारी किए गए। जिले में महात्मा गांधी बुनकर योजना में 652, स्वास्थ्य बीमा योजना मेंं 207, मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना मेंं 383, भामाशाह रोजगार सृजन योजना में 745, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 157 को लाभान्वित किया गया। कुल 1 हजार 969 को आर्टिजन/शिल्पकार पहचान पत्र जारी किए गए।

गृह उद्योग योजना में 292 महिलाओं तथा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण में 215 युवाआेंं को प्रशिक्षित किया गया जबकि एकीकृत कौशल विकास योजना में 6 हजार 020 को प्रशिक्षित किया गया। कुल 45 औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर तथा 6 महिला औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर आयोजित किए गए। जिले में अतिरिक्त रोजगार सृजन का आंकड़ा 60 हजार 263 रहा। जिले में 154 बाट व माप अभियोग बनाए गए और 113.30 लाख बाट व माप राजस्व अर्जित किया गया।

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 के तहत स्टॉप ड्यूटी/कन्वर्जन चार्ज के 161 तथा विद्युत कर व ब्याज अनुदान के 52 प्रकरणों में पात्रता प्रमाण पत्र जारी किए गए।

रिसर्जेन्ट राजस्थान-2015 के अन्तर्गत भीलवाड़ा जिले के लिए कुल 18 इकाइयाें द्वारा एमओयू निष्पादित किए गए। इनमें से भीलवाड़ा की 16 तथा चित्तौड़गढ़ की 2 इकाइयां शामिल हैं। इनमें से 12 इकाइयां उत्पादनरत हैं, जिनमें भीलवाड़ा की 11 व चित्तौड़गढ़ की 1 इकाई शामिल है।

इन बारह इकाइयों में भीलवाड़ा जिले की मैसर्स इमिनिएन्ट डीलर्स, मैसर्स नितिन स्पीनर्स लि. की दो इकाइयां, मैं संगम इण्डिया लि. दो इकाइयां (आटूण व बिलियाकलां), मैसर्स सुपर गोल्ड सूटिंग्स प्रा.लि., मैसर्स कंचन इण्डिया लि., मै. सुदिवा स्पिनर्स प्रा.लि., मैसर्स आरएसडब्ल्यूएम और मैसर्स एम.आर. विविंग और चित्तौड़गढ़ की मैसर्स संगम इण्डिया लि. सोनियाणा शामिल हैं। ये सभी इकाइयां उत्पादनरत हैं, जबकि भीलवाड़ा में मैसर्स स्वागत सिन्थेटिक्स में सितम्बर-2017 से ट्रायल प्रोडक्शन प्रारंभ है।

भीलवाड़ा जिले में हाल के चार वर्ष में औद्योगिक विकास को सम्बल देने के लिए उद्योगों से संबंधित बुनियादी विकास पर भी पर्याप्त ध्यान केन्दि्रत किया गया है और इसका सकारात्मक और बेहतर असर सामने आ रहा है।