चुनावी साल में महिला कांग्रेस अब सरकार को घेरने के लिए आरटीआई का सहारा लेने जा रही है. महिला कांग्रेस ने बाकायदा आरटीआई विंग बनाकर पदाधिकारियों को काम बांटा है, सरकारी योजनाओं पर प्रदेश से लेकर जिला स्तर पर ढेरों आरटीआई आवेदन लगाए जा रहे हैं.

 

राजस्थान में एक साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, महिला कांग्रेस ने अब तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया है, लेकिन चुनावी साल में वह अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करवाना चाहती है, क्योंकि जब काम दिखेगा तभी चुनावों में उसकी टिकटों की दावेदारी में मजबूत होगी.

 

महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज ने पिछले दिनों चुनिंदा पदाधिकारियों को आरटीआई के काम का जिम्मा दिया है. सरकारी योजनाओं पर आरटीआई से जवाब आने के बाद सरकार को घेरने कर रणनीति बनाई जाएगी.

 

चुनावों में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने की मांग पार्टी के भीतर उठाती रही है. अब चुनाव नजदीक है तो परफॉर्मेंस दिखाना जरूरी हो गया है इसीलिए परफॉर्मेंस दिखाने और पार्टी हाईकमान की नजरों में आने के लिए आरटीआई लगाकर सरकारी विभागों की गड़बड़ियां उजागर करने की रणनीति पर काम शुरू किया गया है.

कांग्रेस में अब तक आरटीआई पर काम नहीं हुआ है. पिछले कांग्रेस राज में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरटीआई के जरिए गहलोत सरकार के कई घोटाले उजागर किए थे, अब महिला कांग्रेस सोमैया फार्मूला अपनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. फिलहाल महिला कांग्रेस को सोमैया फार्मूला ही चुनावी साल में माहौल बनाने का जरिया दिख रहा है.