मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर कहा कि प्रदेश की जनता का स्नेह और साथ उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है. उन्होंने कहा कि सरकार आगामी समय में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर देगी. हर साल साढ़े सात लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार देने का लक्ष्य है.

 

चौहान ने बुधवार को राजधानी भोपाल में अपने आवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "उनकी हर सांस प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिए है. यही कारण है कि जनता के हर वर्ग का साथ है. सभी का प्रेम और साथ ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है."

 

उन्होंने माना कि प्रदेश में रोजगार, स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में और काम किए जाने की जरूरत है. सरकार का इस पर विशेष जोर रहेगा. युवाओं के कौशल का विकास करके हर साल साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार मिले, इस दिशा में प्रयास होंगे.

 

चौहान ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री होने के बाद भी यह कोशिश रही है कि कभी विशिष्ट नहीं बनूं. यही कारण है कि आज भी मै आम आदमी के लिए आम ही हूं. जनता का पूरा साथ मिला है और इसलिए राज्य को पिछड़े, बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालकर विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने में सफल रहा.

चौहान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उन्होंने राज्य की जरूरतों के मुताबिक काम किया है. यह कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए सिंचाई पर जोर दिया गया. उसके नतीजे सामने हैं. पहले सिंचाई साढ़े सात लाख हेक्टेयर में ही होती थी, जो आज बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है. सिंचाई का क्षेत्र बढ़ने के साथ उत्पादन भी बढ़ा है, इसलिए पशुपालन, मुर्गीपालन पर भी जोर दिया जाएगा.

 

चौहान ने बताया कि उन्होंने योजनाएं मंत्रियों के साथ बैठकर नहीं बनाईं बल्कि इसके लिए विभिन्न वगरें के परामर्श करके बनाई हैं. इसके लिए पंचायतों का आयोजन किया गया. उसमें आए सुझाव के आधार पर ही लाड़ली लक्ष्मी जैसे योजना बनी.

 

चौहान ने माना कि उनके कार्य में धर्मपत्नी साधना सिंह का हर हाल में साथ मिला. वे उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं. उनका मकसद है कि, सिर्फ विकास दर ही नहीं बढ़े बल्कि आम आदमी तक विकास तेजी से पहुंचे.