गुजरात के बनासकांठा की वडगाम सीट पर कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पर बीती रात कुछ अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया. हालांकि इस हमले में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन जिग्नेश मेवानी के काफिले की एक कार का शीशा टूट गया. जिग्नेश ने इस हमले के पीछे भाजपाई कार्यकताओं का हाथ होने की संभावना जताई है और कहा है कि वो ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं हैं. मेवाणी ने कहा कि इन हमलों से उनके प्रति समर्थन और बढञता जा रहा है.

गुजरात विधानसभा में बनासकांठा की वडगाम सिट पर दलित युवा नेता जिग्नेश मेवानी ने निर्दलीय उम्मीदवारी दर्ज करवाई है. लेकिन जिग्नेश की मुसीबत हर दिन बढ़ती दिख रही है. कुछ दिन पहले ही उनके खिलाफ भाजपा केन्द्रीय कोयला मंत्री हरिभाई चौधरी के गांव जगाना में प्रतिबन्ध के बैनर लगवा दिए थे और अब उनके काफ‍िले पर हमले की वारदात हुई है.

 

दरअसल, जिग्नेश मेवानी और उनके समर्थक पटोसन गांव में चुनावी प्रचार करने पहुंचे. इसी दौरान जिग्नेस के काफिले पर पथराव किया गया, जिसमें जिग्नेश के खेमे के एक व्यक्ति की कार का शीशा टूट गया. हमलावर हमला करके नौ दो ग्यारह हो गए.

 

जिग्नेश ने गढ़ थाना अधिकारी को हमले की जानकारी देते हुए अपने जान पर खतरा होने की आशंका जताई. जिग्नेश ने कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके काफिले पर हमला किया और इस हमले में उनके साथ कुछ भी हो सकता था. ऐसे में घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन मिलनी चाहिए.

अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रोटेक्शन की मांग करने वाले जिग्नेश ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि मैं इस तरह की घटनाओं से डरने वाला नहीं हूं. मैं आंदोलनकारी हूं और जब मैं अमितशाह व मोदी से नहीं डरा तो इन बच्चों जैसी हरकतों से नहीं डरने वाला. उन्होंने इस घटना के पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं के होने की आशंका जताई.

 

जिग्नेश ने ट्व‍िटर पर इस हमले की निंदा की और ट्वीट किया, ‘#गंदी राजनीति.' जिग्नेश ने ट्व‍िटर पर लिखा कि दोस्तों आज मुझ पर बीजेपी के लोगों ने तकरवाड़ा गांव में अटैक किया, BJP डर गई है, इसलिए ऐसी हरकत कर रही है. पर मैं तो एक आंदोलनकारी हूं. मैं डरने और झुकने वाला नहीं हूं.

 

जिग्नेश ने ट्व‍िटर पर यह भी लिखा कि 'भाजपा और संघ को ये नहीं पता कि उनके हर हमले से मुझे भाजपा के खिलाफ लड़ने की और ताकत मिलती जा रही है. संघियों कान खोल कर सुन लो ये बापू का गुजरात है, मेरे ऊपर हुए हर एक हमले के साथ तुम्हारी हार और बड़ी होती जाएगी.'

बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जिग्नेश को अपना समर्थन दिया है और उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. दलित समुदाय पर हो रहे अत्याचार को लेकर आंदोलन के बाद जिग्नेश मेवाणी चर्चा में आए थे.

 

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि गर्माए चुनावी माहौल में अपने काफिले पर हमला होने के बावजूद जिग्नेश ने थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराई. जिग्नेश ने कहा कि चुनावी माहौल में ऐसा करने से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है. इसलिए एफआईआर ना करा कर सिर्फ पुलिस को इतल्ला कर दिया है.