किडनी में पथरी होना आजकल आम समस्या हो गई लेकिन आज हम आपको मुंह में होने वाली पथरी के बारे में बताने जा रहें है। किडनी, गालब्लैडर और पैंक्रियाज की तरह मुंह में होने वाली पथरी भी खतरनाक हो सकती है। हालांकि यह काफी रेयर होती है लेकिन इसके बावजूद भी इसके बारे में पता होना बहुत जरूरी है। मुंह में मौजूद लार ग्रंथि में कैल्शियम फॉस्फेट जम कर पथरी का रूप ले लेता है जोकि खतरनाक हो सकता है। आइए जानते है इस बीमारी के कुछ ऐसे लक्षण जिससे आप इस बीमारी को पहचान कर सुरक्षित रह सकते है।
 

कारण और लक्षण
मुंह और गले की 6 ग्रंथियां होती है, जिसमें से कान के नीचे पेरोटिड ग्रंथि और जबड़े के सबमेंडुलर लार ग्रंथि में पथरी हो सकती है। ऐसा इन ग्रंथियों में कैल्शियम फास्फेट के जमने के कारण होता है। मुंह में पथरी होने पर लार प्रवाह बंद हो जाता है। इसके अलावा पथरी होने पर जबड़े और कान के आस-पास सूजन, खाना खाने में प्रॉब्लम और जबड़े में दर्द होने लगता है।
 

कैंसर और दिमागी बीमारी का खतरा
मुंह में पथरी होने पर मुंह के कैंसर और दिमारी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इलाज करवाने के बाद भी व्यक्ति भोजन के दौरान होने वाले दर्द को नहीं भूल पाता, जिसे मील टाइम सिंड्रोम भी कहते है।
 

बचने के उपाय और इलाज
1.
कम पानी पीने वाले और चबाकर खाना न खाने वाले लोगों को यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और खाना हमेशा चबाकर खाएं।

2. इस बीमारी का पता एक्सरे और सीटी स्कैन से लगाया जा सकता है। ग्रंथि के अंदर पथरी होने पर इसे ऑपरेशन से निकाला जाता है।

3. इस बीमारी से बचने के लिए रोजाना कम से कम 7-8 गिलास पानी पीएं। इससे लार ग्रंथि में पथरी के चांसेस कम हो जाते है।

4. मुंह में सूजन, दर्द और लार के न निकलने पर तुंरत डॉक्टर को दिखाएं। पथरी बढ़ी न होने पर आप कैंसर के खतरे से बच सकते है।