हम सभी आइलैंड को जमीन का एक सुंदर सा कोना मानते हैं, जो प्रकृति की सुंदरता को अपने में समेटे रहता है। यहां सुंदरता अपने चरम पर होती है। जब भी हमारे सामने आइलैंड का जिक्र आता है, तो आंखों के सामने चारों और पानी से घिरे किसी हरे-भरे दृश्य की कल्पना उभर आती है। जहन में एक ऐसी जगह की तस्वीर उभरती है, जो काफी शांत होती है, लेकिन हर आइलैंड खूबसूरत ही हो, यह जरूरी नहीं है। दुनिया में कई ऐसे आइलैंड भी हैं, जहां पर जाना मतलब मौत को बुलावा देना है। 

आज हम आपको ऐसे ही एक आइलैंड के बारे में बता रहे हैं, जो शांत तो है, लेकिन उस शांति के पीछे कई खौफनाक कहानियां भी हैं। यूं तो दुनिया भर में कई खतरनाक और रहस्यमयी जगह हैं, जहां जाने से लोग डरते हैं। ऐसी जगहों को अक्सर डरावनी किस्से-कहानियों से जोड़ दिया जाता है। आपको बता दें कि डरावनी किस्से-कहानियों पर यकीन करने वाले केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मौजूद हैं। इसी तरह की एक जगह है इटली का गैओला आइलैंड। यह आइलैंड एक ऐसी जगह है, जिसे खरीदने वाले हर मालिक के साथ अजीबोगरीब चीजें हुई और कई मालिकों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा।

आईसोल ला गैओला आइलैंड वैसे तो अपने आप में एक बहुत ही सुंदर आइलैंड हैं। दूर-दूर तक खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाने के लिए यहां मौजूद एक आलीशान विला लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यही वजह है कि अमीर लोग इस आइलैंड को खरीदते हैं। इसके बाद खबर आती है कि इस आइलैंड के मालिक की रहस्मयी तरीके से मौत हो गई या फिर उसका भारी नुकसान हो गया। इस कारण से इस आइलैंड को शापित आइलैंड कहा जाने लगा।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो सन् 1920 में इसके स्विस ऑनर हैन्स ब्राउन की अचानक मृत्यु हो गई और उनकी बॉडी एक कारपेट में लिपटी हुई मिली। पहली बार इसे जर्मनी के ओटो ग्रूनबैक ने खरीदा था, जिनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। इस आईलैंड के दूसरे मालिक एक इंडस्ट्रलिस्ट थे, जिन्होंने स्विटजरलैंड के एक मेंटल अस्पताल में आत्महत्या कर ली थी। 

इसके तीसरे खरीदार मल्टी बिलिनियर पॉल गेटी थे, जब उन्होंने इस आईलैंड को खरीदा, तो उनके पोते का अपहरण कर लिया गया था। वहीं, इस आईलैंड के आखिरी खरीदार को इंश्योरेंस में फ्रॉड करने के इल्जाम में जेल भेज दिया गया था। इस आइलैंड के शापित होने में कितनी सच्चाई है यह तो कोई नहीं जानता। अब यह एक टूरिज्म स्पॉट बन गया है। यहां लोग दिन के उजाले में आते हैं और अंधेरा होने से पहले ही वापस चले जाते हैं।