मुंबई. नए साल से डेबिट कार्ड से खरीदारी सस्ती हो जाएगी। बशर्ते यह एक हजार रुपए से ज्यादा की हो। वहीं एक हजार से कम की खरीद थोड़ी महंगी होगी। डेबिट कार्ड से खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का नया तरीका तय किया है। अभी तक खरीदारी की रकम के हिसाब से चार्ज लगता था, अब दुकानदार के टर्नओवर के हिसाब से लगेगा। छोटे दुकानदारों से बैंक हर ट्रांजैक्शन पर 200 रुपए और बड़े दुकानदारों से 1000 रुपए से ज्यादा चार्ज नहीं ले सकेंगे। कार्ड से पेमेंट के बदले बैंक दुकानदारों से फीस लेते हैं। इसी को एमडीआर कहा जाता है। दुकानदार यह चार्ज कस्टमर्स से वसूलते हैं। रिजर्व बैंक का यह आर्डर 1 जनवरी से लागू होगा।

 

दुकानदारों की लागत कम होगी

- देना बैंक के सीएमडी अश्विनी कुमार ने कहा कि इस फैसले से दुकानदारों की कॉस्ट कम होगी। उम्मीद है ज्यादा दुकानदार डिजिटल ट्रांजैक्शन की तरफ अट्रैक्ट होंगे।

क्यों किया गया फैसला?

- मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के बाद मीडिया से बातचीत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर बीबी कानूनगो ने बताया कि 2016-17 में प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) टर्मिनल पर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल 21.9% था। यह बढ़ नहीं रहा है। इसीलिए आरबीआई ने यह फैसला किया है।

5,000 रुपए की खरीदारी पर 20 रुपए चार्ज

- सालाना 20 लाख रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी से बैंक ट्रांजैक्शन वैल्यू के 0.40% से ज्यादा एमडीआर नहीं ले सकेंगे। यानी 5,000 रुपए की खरीदारी पर चार्ज 20 रुपए लगेगा। क्यूआर कोड बेस्ड पेमेंट में यह 0.30% से ज्यादा नहीं होगा। मैक्सिमम 200 रुपए है।

- जिन दुकानदारों का टर्नओवर 20 लाख रुपए से ज्यादा है, उनके लिए चार्ज लिमिट 0.90% तय की गई है। यहां 5,000 रुपए की खरीदारी पर 45 रुपए लगेंगे।

- क्यूआर कोड बेस्ड पेमेंट में यह सीमा 0.80% होगी। इनके लिए प्रति ट्रांजैक्शन मैक्सिमम चार्ज 1,000 रुपए होगा।

नोटबंदी के बाद RBI ने किया था बदलाव

- नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 1 जनवरी 2017 से 1,000 रुपए तक की खरीदारी पर एमडीआर की सीमा 0.25% और 1,001-2,000 रुपए तक की खरीदारी पर 0.5% तय की थी।

- इससे पहले 2,000 रुपए तक के ट्रांजैक्शन पर यह 0.75% और इससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 1% थी। बैंकों को क्रेडिट कार्ड से पेमेंट पर चार्ज तय करने की छूट है।