गुजरात विधानसभा की 182 में से 89 सीटों के लिए शनिवार को वोट डाले जा रहे हैं. ये सीटें सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में आने वाले 19 जिलों की हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में इन 89 में से 67 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के हाथ महज 16 सीटें आई थीं. वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और जनता दल-युनाइटेड (जेडीयू) के पास एक-एक सीट आई थीं, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी.

सौराष्ट्र में 54 विधानसभा सीटें हैं. पिछले चुनाव में इनमें से 34 सीटें बीजेपी ने जीती थीं और 20 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थीं. वहीं दक्षिण गुजरात में 35 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से शहरी सीटों पर बीजेपी और ग्रामीण सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी.

पाटीदारों के वोट बनेंगे निर्णायक

सौराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर पाटीदार वोटर निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं. यहां पाटीदारों की एक बड़ी आबादी है. पिछले चुनावों में बीजेपी को समर्थन देते रहे हैं. लेकिन इस बार हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति बीजेपी के पक्ष में वोट नहीं करने की अपील कर रही है. हार्दिक पटेल कड़वा पटेल हैं और जबकि सौराष्ट्र में बड़ी आबादी लेउवा पटेलों की है. ऐसे में यदि लेउवा पटेल यदि हार्दिक का साथ देते हैं तो सौराष्ट्र में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है.

वलसाड में जो जीता वही सिकंदर
गुजरात में वलसाड बेहद महत्वपूर्ण चुनाव क्षेत्र है. पिछले कई चुनावों में यह देखा गया है कि वलसाड विधानसभा सीट पर जिस पार्टी के उम्मीदवार की जीत होती है, राज्य में उसी पार्टी की सरकार बनती है. इतना ही नहीं वलसाड लोकसभा सीट पर जिस पार्टी के उम्मीदवार की जीत होती है उसी पार्टी की सरकार केंद्र में बनती है.