गुरुग्राम. डेंगू से 7 साल की बच्ची की मौत और इलाज के नाम पर 16 लाख का बिल थमाने वाले फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ शिकंजा कस गया है. फोर्टिस अस्पताल की जमीन की लीज रद्द करने के बाद अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है. ये केस धारा 304(2) के तहत दर्ज हुआ है. केस दर्ज करने की जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके दी. अनिल विज ने अपने ट्वीट में ये भी बताया है कि स्वास्थ्य विभाग ने गुरुग्राम के सुशांत लोक पुलिस स्टेशन ये केस दर्ज कराया है. 

 

इसके अलावा अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ-साथ ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द करने का नोटिस भी जारी किया गया है. अस्पताल के खिलाफ हरियाणा सरकार ने सख्ती दिखाई है और शनिवार को ही सूबे के स्वास्थ्य मंत्री शहरी प्राधिकरण को खत लिखकर अस्पताल की जमीन लीज रद्द करने का निर्देश दिया था. 

 

दिल्ली के द्वारका में रहने वाले जयंत सिंह की सात वर्षीय बेटी आद्या सिंह को डेंगू के इलाज के लिए पहले राकलैंड में दाखिल कराया गया था, बाद में उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में आद्या के इलाज का 16 लाख रुपए का भारी भरकम बिल वसूला और उसकी जान भी नहीं बची . आद्या के इलाज के बिल में चार लाख रुपए की राशि तो दवाई की थी. उसके इलाज के लिए अस्पताल ने जो बिल बनाया उसमें 2700 दस्ताने, 660 सीरिंज और 900 गाउन की राशि भी शामिल की गई जबकि दो लाख 17 हजार रुपए जांच के नाम पर लिए गए.

 

मामले की जांच के लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरक्त महानिदेशक डाक्टर राजीव वढेरा की अध्क्षता में एक समिति का गठन किया गया था. उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है. सरकार ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर माना कि बच्ची की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या थी. लड़की को डेंगू होने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित नहीं करने पर भी नोटिस दिया गया है.