कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ताजपोशी पर एक बार फिर ‘ग्रहण’ लगता दिख रहा है. दरअसल अभी तक तय कार्यक्रम के मुताबिक राहुल गांधी 14 दिसंबर को पार्टी अध्यक्ष बनेंगे, लेकिन 14 को ही गुजरात में वोटिंग है. अब इस दिन ताजपोशी पर कांग्रेस के बड़े नेताओं में दो फाड़ हो गई है. एक पक्ष इसी दिन ताजपोशी चाहता है तो दूसरा पक्ष दो दिन के बाद. पार्टी में बड़े लेवल पर इस बात को लेकर चर्चा हुई है. 4 दिसंबर को भी राहुल ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था.

प्रभावित हो सकता है गुजरात चुनाव

इसमें कुछ नेताओं का कहना है कि 14 को ताजपोशी से गुजरात चुनाव प्रभावित हो सकता है. वहीं कुछ नेताओं ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि 16 से खरमास लग रहा है. खरमास में हिन्दू परंपरा के मुताबिक शुभ काम नहीं किए जाते हैं. ऐसे में 14 को राहुल की ताजपोशी पर एक बार फिर संशय के बादल मंडराने लगे हैं.

पंडितों से ली जा रही राय, 12 को फैसला

अब माना जा रहा है कि इस बारे में अंतिम फैसला 12 दिसंबर को राहुल गांधी के दिल्ली वापस आने के बाद लिया जाएगा. बताया जा रहा कि इस मामले में पंडितों से बात की जा रही है कि वाकई खरमास कितनी तारीख से और कितने बजे लग रहा है. अगर 16 दिसंबर को दोपहर बाद खरमास लग रहा हो तो फिर 14 की जगह 16 को राहुल अध्यक्ष पद का सर्टिफिकेट लेने चुनाव कमेटी के पास जा सकते हैं.

निर्वाचन अधिकारी से लेंगे सर्टिफिकेट

इससे पहले तक बताया जा रहा था कि राहुल गांधी 14 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन अधिकारी से अपना सर्टिफिकेट लेंगे. इस मौके पर 14 दिसंबर को AICC में समारोह होगा. समारोह में AICC के सदस्य, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC)  के सदस्य और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे.

ताजपोशी को मेगा शो बनाने की है तैयारी

सूत्रों के मुताबिक राहुल जब अपना सर्टिफिकेट लेने आएंगे तो उनकी मां और कांग्रेस की निवर्तमान अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उनके साथ होंगी. साफ है कि कांग्रेस की 14 दिसंबर को राहुल की ताजपोशी को मेगा शो बनाने की तैयारी है. अभी तक कांग्रेस नेताओं का मानना था कि राहुल की ताजपोशी के मेगा शो से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह होगा. गुजरात में इसी दिन वोटिंग में उसे इसका फायदा भी मिल सकता है.