राजस्थान के टोंक जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का भ्रष्ट कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ने का अभियान जारी है. एसीबी की टीम ने शनिवार रात लगभग 11बजे टोंक-जयपुर एनएच-12पर गुंसी गाव स्थित बजरी रॉयल्टी नाके पर कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग के फोरमेन देशराज मीणा और राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी)  के जवान राजाराम को 52 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया.

 

यह रिश्वत दोनों ने तीन दिन पूर्व पकड़े गये बजरी ट्रक के मामले को रफा-दफा करने के एवज में ली थी. इस पूरी कार्रवाई को एसीबी के एएसपी विजय सिंह के नेतृत्व में बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया. एएसपी विजय सिंह ने बताया कि इन दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बजरी के दोहन व निर्गमन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है और उसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा जिले मे कई जगह चैकपोस्ट लगायी हुई है.

 

एएसपी सिंह ने बताया कि इसी तरह की चैकिंग के दौरान तीन दिन पूर्व गुंसी नाके पर अवैध रूप से बजरी भरकर जयपुर ले जाये जा रहे दो ट्रक को इस नाके पर पकड़ा गया था. एएसपी सिंह ने बताया कि फरियादी मोहम्मद रफीक ने बीते दिन ही एसीबी को शिकायत करते हुए बताया था कि दोनों आरोपी सरकारी जुर्माने के अलावा दोनों ट्रकों को छोड़ने और उन्हें जयपुर तक बिना किसी रोक-टोक के पंहुचाने के बदले मे 60 हजार रुपये की मांग की जा रही है.

 

लेकिन बाद में दोनों 52 हजार रुपये में ये सबकुछ करने को तैयार हो गये थे. एएसपी सिंह ने बताया कि इसी पर एसीबी नें बीती रात ट्रैप कार्रवाई करते हुए दोनों को 52 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते ट्रैप कर लिया है.