उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने मिन्त्रा डॉट कॉम पोर्टल के उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. एसटीएफ ने मामले में 18 अभियुक्तों को दिल्ली से गिरफ्तार​ किया है. इनमें 7 महिलाएं शामिल हैं.

 

इनके पास से 26 मोबाइल, 280 पेज मिन्त्रा का डेटा और 8 बैंक खातों की डिटेल हासिल की है.  कुछ समय पहले मिन्त्रा आॅनलाइन के नेशनल नोड सिक्योरिटी अफसर की तरफ से यूपी एसटीएफ को सूचित किया गया है कि एक गैंग उनके उपभोक्ताओं को संपर्क कर उनसे धोखाधड़ी कर रहा है.

 

मामले में एसटीएफ एसएसपी अभिषेक सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी को जांच सौंपी.

जांच में पता चला कि ये लोग उपभोक्ताओं को कॉल करते थे और उन्हें ईनाम की लालच देते थे.इसके एवज में वे रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, कूरियर आदि खर्च बताकर पैसा जमा करवा लेते थे. मिन्त्रा के टोलफ्री नंबर पर ऐसी करीब 7139 शिकायतें आईं, जिनमें 590 उपभोक्ताओं से 31 लाख रुपए से ज्यादा धोखाधड़ी कर जमा करा लिए गए थे.

 

इसके बाद जांच में एसटीएफ को पता चला कि बाकायदा कॉल सेंटर बनाकर ये फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. इसके बाद एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से द्वारिका स्थित काल सेंटर पर रेड की और यहां से 18 लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें 7 युवतियां शामिल हैं.

 

पता चला कि ये लोग कॉल करके उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन से लेकर टाटा सफारी ईनाम में निकलने की बात कहकर फंसाते थे और पैसे हड़प लेते थे.