हो सकता है आपके रिश्ते में सेक्स की पहली प्राथमिकता न हो बावजूद इसके सेक्स, किसी भी पार्टनर के बीच रिश्ते का एक अहम हिस्सा है। कई बार दोनों पार्टनर के बीच सेक्शुल अनुरूपता न होने की वजह से भी कई रिश्ते टूट जाते हैं। लिहाजा यह जानना जरूरी है कि आपके और पार्टनर के बीच सेक्शुअल कम्पैटिबिलिटी यानी अनुरूपता है या नहीं? उन संकेतों के बारे में जिससे पता चलता है कि दोनों पार्टनर के बीच सेक्स को लेकर सामंजस्य है या नहीं...

आप दोनों सेक्स के बारे में बात करने को लेकर कितना कंफर्टेबल महसूस करते हैं? अगर दोनों में से कोई एक पार्टनर बहुत ज्यादा डिमांडिंग है या फिर दूसरे पार्टनर को कुछ ऐसा करने को कहता है जिसे करने में वह कंफर्टेबल नहीं है तो यह आपके रिश्ते के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

सेक्स का मतलब है आपसी संतुष्टि यानी दोनों पार्टनर एक दूसरे को खुश और संतुष्ट करने की कोशिश करते हैं। ऐसा बिलकुल नहीं होना चाहिए कि एक पार्टनर के क्लाइमैक्स पर पहुंचते ही ऐक्ट खत्म हो जाए। दूसरे पार्टनर का भी तृप्त होना उतना ही जरूरी है।

सेक्स में कामेच्छा का भी एक अहम रोल होता है। क्या आप दोनों पार्टनर के सेक्स ड्राइव अलग-अलग है। किसी एक में सेक्स ड्राइव ज्यादा होना और किसी में थोड़ा कम होने में कोई बुराई नहीं है लेकिन अगर सेक्स को लेकर दोनों पार्टनर की सोच अलग-अलग है तो समस्या हो सकती है।

इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स के दौरान सबसे बुरी चीज है तुलना। अगर दोनों पार्टनर में से कोई हर बार अपने पार्टनर की तुलना, अपने एक्स से करता है तो इससे आपके रिश्ता ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकता।

सेक्स, रोजाना का कोई ऊबाउ काम नहीं है जिसे आपका मन हो या न हो करना ही पड़े। जब दोनों पार्टनर प्रफुल्लित मन से एक दूसरे के करीब आएं तभी यह एक खास पल बन पाएगा। ऐसा होने पर आपका रिश्ता और मजबूत बन जाएगा।

जिस तरह एक रिश्ते को बनाए रखने और बेहतर तरीके से चलाने के लिए बैलेंस की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह सेक्स में बैलेंस बना रहना चाहिए। अगर दोनों पार्टनर में से कोई एक हर बार अपनी तरफ से कुछ ज्यादा करने की कोशिश कर रहा है और दूसरा पार्टनर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा तो इसका मतलब है कि रिश्ते में सबकुछ ठीक नहीं है।