ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के लोगों का एक गिरोह श्वेत लड़कियों को शराब एवं मादक पदार्थों के साथ निशाना बनाकर बलात्कार एवं यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा है. एक चरमपंथ विरोधी थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये लोग अपने एशियाई मूल के कारण ब्रिटिश समाज से जुड़ नहीं पाने की वजह से ऐसा कर रहे हैं.

 

ब्रिटिश थिंक टैंक ‘क्विलियम’ ने ब्रिटिश पाकिस्तानी लोगों को आधुनिक ब्रिटिश समाज से जोड़ने में मदद करने के लिए सरकार से बेहतर सहयोग का आह्वान किया.

‘ग्रुप बेस्ट चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन: डिजेक्टिंग ग्रुमिंग गैंग्स’ नाम की रिपोर्ट की सह लेखिका मुना आदिल ने कहा, ‘‘हमने इस सोच के साथ यह अध्ययन शुरू किया था कि हम मीडिया के उस वर्णन की सच्चाई सामने लाएंगे कि एशियाई लोग इस विशिष्ट अपराध में काफी ज्यादा शामिल हैं. लेकिन जब अंतिम संख्या सामने आयी तो हम सतर्क और निराश हो गए.''

उन्होंने कहा, ''हम दोनों (लेखकों) के लिए पाकिस्तानी मूल का होने के कारण यह मुद्दा बेहद व्यक्तिगत है और हम इस स्थिति से निराश हैं.’’ क्विलियम ने 2005 से 2017 के बीच इस तरह के 58 मामलों का जायजा लिया जिनमें264 लोगों को दोषी ठहराया गया.

 

दोषियों में से 222 लोग या 84 प्रतिशत लोग एशियाई मूल के थे और अधिकतर पाकिस्तानी मूल के थे. केवल 22 लोग अश्वेत थे और 18 श्वेत थे, दो अपराधियों के मूल की पहचान नहीं की जा सकी.