गौ-तस्करी करने वाले मेव समाज के लोगों को अब गौरक्षकों और पुलिस से ही नहीं खुद अपने समाज का विरोध झेलना पड़ेगा. अलवर जिले की मेव पंचायत ने ऐसे लोगों का जातीय बहिष्कार करने का फैसला किया है जो गौ-तस्करी में लिप्त हैं.

 

जिला मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने बताया कि चंद गौतस्करों की वजह से मेव समाज के 40 लाख लोगों को अपराधिक दृष्टि से देखा जाने जा लगा है. इससे मेव समाज की छवि खराब हो रही है. इसलिए अलवर जिले की जिला मेव पंचायत ने गौ-तस्करों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

 

पंचायत ने फैसला लिया है कि गौ-तस्करों ओर उनके गांव का जिला मेव पंचायत जातीय बहिस्कार के साथ रोटी बेटी का रिश्ता नाता भी खत्म करेगी. अलवर जिले के चोपानकी थाना क्षेत्र के अन्तर्गत सोमवार को पुलिस ने मुठभेड़ में एक गौ-तस्कर उमर खान निवासी पल्ला गांव नूह हरियाणा को गिरफ्तार किया है.

 

मेव पंचायत अलवर के संरक्षक शेर मोहम्मद ने बताया कि मेवात में एक के बाद एक गौ-तस्करी की वारदात सामने आ रही है. अलवर जिला मेव पंचायत के द्वारा लोगों से गौ-तस्करी रोकने की अपील की गई है. लेकिन इसके बावजूद लोग गौ-तस्करी करने से बाज नही आ रहे है. इसलिए जिला मेव पंचायत गौ-तस्करों का सामाजिक बहिस्कार करने का निर्णय लिया है पंचायत ने हरियाणा के नूह क्षेत्र के पल्ला गांव के जिम्मेदार लोगों को आज पकड़े गए गौ-तस्कर का सामाजिक बहिष्कार करें. उनके द्वारा एक दो दिन में कोई निर्णय नहीं लिया तो अलवर जिले मेव पंचायत सबसे पहले पल्ला गांव का सामाजिक बहिष्कार करेंगी.

 

 

शेर मोहम्मद ने बताया कि पंचायत द्वारा रामगढ़ क्षेत्र में  रेवाड़ा गांव के रघुनाथगढ़ में  गांव में 36 गायों की गौकशी की वारदात करने वाले सूबेदार खान और दीनदार खान का सामाजिक बहिष्कार किया था. तभी से आरोपी का बहिष्कार जारी है. यह परिवार हरियाणा भाग गया है. जिला मेव पंचायत ने 36 गायों की बलि के मामले में आरोपियों के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में आरोपी की जमानत खारिज करवाने के लिए वकील भी खड़ा किया था. लेकिन पुलिस की कमजोर पैरवी ओर फाइल में कमी के चलते आरोपियों की जमानत हो गई थी.