बायपोलर डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है। इसमें व्यक्ति की मनोदशा बदलती रहती है। वह कई दिनों तक बिना किसी कारण खुश होने के बाद फिर एक दम से उदास हो जाता है। जब वह उदास होता है तो उसके मन में नाकरात्मक विचार आते हैं और खुश होने पर वह सकारात्मक सोचने लगता है।  इस तरह की बीमारी से बचने के लिए मिडडे ब्राइट लाइट थैरपी ठीक हो सकती है एेसा नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फेइनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के साइकियेट्रीक रिसर्चर्स ने कही है। 


रिसर्च में कहा गया है कि मॉर्निंग ब्राइट लाइट थेरेपी का इस्तेमाल सीजनल अफैक्टिव डिसऑर्डर से पीडित लोगों पर किया जाता है।  यह थैरेपी बायपोलर डिप्रेशन के पेशेंट्स के लिए खतरनाक हो सकती है। इस तरह का ट्रीटमेंट करवाने से बायपोलर मरिजों में मेनिया के साथ डिप्रेशन का जन्म होता है। 


 


रिसर्च के अनुसार बायोपरल डिप्रेशन से लड़ने के लिये मिडडे ब्राइट लाइट थेरेपी ही ठीक है। इस थैरपी का फर्क 6 विक में ही दिखाई देने लगेगा। इसके पेशेंट को थैरेपी की थोड़ी दिक्कतें तो महसूस होंगी पर मेनिया हाइपोमेनिया जैसी नहीं।