इग्जिटपोल के आंकड़े, कांग्रेस को नीचे बता रहे है, और कांग्रेस को नीचे बताने के बाद पार्टी के तमाम कर्मठ नेता, जागरूक कार्यकर्ता, अय्यर और ईवीएम को "नीच" बताने लगे है, कहते है कि अय्यर ने लास्ट मिनट में अपने ही पाले में गोल दाग कर खिलाड़ियो को हतप्रभ और हताश कर दिया था, हांलाकि कप्तान ने हिम्मत रख उन्है तुरंत बाहर निकाल कर टीम का हौसला बनाये रखा, पर तब तक तो विशल बज चुकी थी,
नतीजे वाकई ईग्जिटपोल के अनुसार रहे तो जनेऊधारी कांग्रेस विपक्षी दल के नेताऔ के बजाय अब, अपनी ही बिरादरी के कुछ लोगो को नीच बताकर अपना गम जाया करेगी, वैसे ईवीएम तो आदतन अपराधी की तरह आलरेडी आरोप झेलने को तैयार है ही, सब रिजल्ट ईवीएम बिगाड़ती है, वरना जनेऊ धारण और तमाम मन्दिर दर्शन के बाद भी कोई जीते नही, यह असंभव है.. राक्षसों ने भी देवों की पूजा कर मनचाहे वरदान प्राप्त कर लिऐ थे, फिर मनुष्य तो देवों के और करीब है, अब वरदान में शक के साथ ईवीएम की सुई, अगर कुछ गड़बड़ बता रही है तो लग रहा है कि या देव या मनुष्य.. दोनो में से एक के मन में जरूर कुछ कपट था...
खैर.. अभी दो दिन तक ईग्जिटपोल के आंकड़े नेता और प्रजा को नागपाश की तरह बांधे रखेगें, पाश खुलने के बाद हकिकत की हवा गुजरात का सही मौसम बतायेगी
बहरहाल मिठाई, पटाखे, ढोल, बैन्ड बाजे वाले निर्दलिय होते है, जीते कोई भी इनका स्वाद , थाप और धमाके, सब जगह महसुस किये जा सकते है, देखते है मोदी का जादू बरकरार रहेगा या राहुल के नये नवेले ताज में गुजरात का कोहीनुर जड़ पायेगा... चलो,
.. वक्त पर छोड़ देते है,
दो दिन की ही तो बात है..