नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेटरों को बड़ा तोहफा मिल सकता है और टीम इंडिया के टॉप क्रिकेटरों के अलावा घरेलू क्रिकेट में खेल रहे खिलाड़ियों की सैलरी में काफी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त कमिटी ऑफ एडमिनेस्ट्रेटर्स (COA) नए फॉर्म्युले पर काम कर रही है जिसके बाद क्रिकेटरों को सैलरी में बड़ा फायदा हो सकता है। COA 180 करोड़ के मौजूदा कॉर्पस में 200 करोड़ रुपये और जोड़ने पर विचार कर रही है। 

COA से जुड़े सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कमिटी इस बात पर काम कर रही है कि सीनियर और जूनियर टीमों को सही से उनका हिस्सा दिया जा सके। उम्मीद है कि अगले सत्र से क्रिकेटरों को फायदा मिल सकता है। कमिटी अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई की जनरल बॉडी को सौंपेगी। 


भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री ने भी सैलरी बढ़ाने की वकालत की थी। मौजूदा फॉर्म्युले के तहत, बीसीसीआई को सालाना रेवेन्यू का 26 प्रतिशत हिस्सा 3 हिस्सों में बांटा जाता है। इसमें से 13 प्रतिशत रेवेन्यू अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को, 10.6 प्रतिशत डमेस्टिक क्रिकेटरों को और बाकी हिस्सा महिला और जूनियर खिलाड़ियों को दिया जाता है। क्रिकेटरों की अलग-अलग कैटिगरी में हिस्सा अब बदला जा सकता है। 


नए फॉर्म्युले के लागू होने का मतलब है कि विराट कोहली जैसे टॉप प्लेयर को अब बीसीसीआई से साल भर में 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा मिल सकते हैं। विराट ने साल 2017 में 46 मैचों के लिए 5.51 करोड़ रुपये कमाए थे। इसके अलावा कोहली आईपीएल और विज्ञापन से इससे भी ज्यादा पैसे कमा सकते हैं। इसी तरह एक रणजी क्रिकेटर, जो सालाना 12 से 15 लाख रुपये कमाते हैं, को नए फॉर्म्युले के बाद 30 लाख रुपये तक सैलरी पा सकते हैं। 


COA से जुड़े एक सूत्र ने कहा, सीनियर क्रिकेटरों की सैलरी 100 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और डमेस्टिक क्रिकेटरों की भी इसी अनुपात में सैलरी बढ़ जाएगी। सूत्रों ने बताया कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने सोमवार को हुई बीसीसीआई एसजीएम में डमेस्टिक क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाने का मुद्दा उठाया था। गांगुली ने साथ ही बताया कि डमेस्टिक क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाना कितना जरूरी है। फिलहाल घरेलू क्रिकेटर को एक मैच के लिए उसके राज्य क्रिकेट संघ से 10 हजार रुपये मिलते हैं जो दोगुना हो सकता है। 


बीसीसीआई के ऐक्टिंग प्रेजिडेंट सी.के. खन्ना ने कहा है कि इस बारे में कुछ भी फाइनल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पे-बढ़ाने के मामले पर अभी और बैठक होंगी। बीसीसीआई के कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ड्राफ्ट पर काम कर रहे हैं। इस बारे में बीसीसीआई की फाइनैंस कमिटी और एसजीएम में चर्चा की जाएगी।