दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी केजरीवाल से इतने खफा हैं कि उनकी तुलना राक्षस से कर डाली. मनोज तिवारी ने केजरीवाल से पूछा है कि वो सीएम होने के नाते रक्षक की भूमिका में है या राक्षस हो गए हैं? तिवारी ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल और उनकी सरकार की लापरवाही से 11 दिनों के दौरान दिल्ली की सड़कों पर ठंड की वजह से  91 बेघर लोगों की मौत हो गई है. सरकार के मुंह से एक शब्द नहीं निकला है. तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार का जो रवैया है, उसमें वो रक्षक तो कतई नज़र नहीं आते, ऐसा काम तो राक्षस ही कर सकते हैं.


मनोज तिवारी ने मीडिया के सामने केजरीवाल को लेकर अपने गुस्से का इज़हार किया और कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार सिर्फ राजनीतिक फायदे वाले फैसले लेकर लोगों को लुभा रही है. आम लोग सुविधाओं के अभाव में मारे जा रहे हैं. तिवारी ने आरोप लगाया कि कई रैन बसेरे हैं, जहां ताले लटके हुए हैं और कड़ाके की ठंड में बेघर लोग सड़कों पर खुले आसमाने के नीचे रात गुज़ारने के लिए मजबूर हैं. केजरीवाल और उनकी पार्टी गरीबों की भलाई के लिए काम करने का दावा करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद बेमौत मारे जा रहे लोगों के प्रति मुंह खोलने के लिए भी तैयार नहीं है.


तिवारी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके मैक्स अस्पताल वाले मामले में दिए बयान को भी तोड़मरोड़कर अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया. तिवारी ने कहा कि केजरीवाल बताएं कि उन्होंने कब मैक्स अस्पताल के लाइसेंस को बहाल करने की मांग उनसे की थी या इसके लिए उनके घर के सामने धरना दिया था, लेकिन उनके बयान को तोड़ मरोडकर इससे राजनीति करने में वो पीछे नहीं रहे. तिवारी ने सफाई दी कि उन्होंने सिर्फ अस्पताल के बेरोजगार हो रहे कर्मचारियों का मुद्दा उठाया था और पूछा था कि जिन मरीज़ों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, उनका क्या होगा?


तिवारी ने आरोप लगाया कि मैक्स अस्पताल से केजरीवाल सरकार की सांठगांठ है. उन्होंने चुनौती दी है कि केजरीवाल ये भरोसा दिलाएं कि मैक्स का लाइसेंस किसी भी तरह से बहाल नहीं होगा, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो ये साफ हो जाएगा कि दिल्ली सरकार की सांठगांठ है और कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए की गई थी.