हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सभी 68 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है. मतगणना कुल 42 मतदान केंद्रों पर एक साथ शुरू हुई है. हिमाचल के चुनाव में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल समेत 337 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा. राज्य में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भाजपा और कांग्रेस ने सभी 68 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इसके बाद लगातार नतीजे आने शुरू हो जाएंगे. मतगणना और नतीजों की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए बने रहिए Aajtak.in के साथ.


- अन्य 2 सीटों  पर आगे.


भाजपा अब 11 सीटों पर आगे.


- कांग्रेस 7 सीटों पर आगे.


- भाजपा फिलहाल 11 सीटों पर आगे चल रही है.


- कांग्रेस 6 सीटों पर आगे.


- कांग्रेस भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है. फिलहाल 4 सीटों पर कांग्रेस आगे है.


- जयपुरसिंह सीट से कांग्रेस आगे.


- भाजपा 13 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, कांग्रेस फिलहाल 2 पर ही अटकी है.


- कांग्रेस भी भाजपा के बराबर आ गई है. फिलहाल कांग्रेस दो सीटों पर आगे चल रही है.


- कांग्रेस के लिए भी हुई शुरुआत. कांग्रेस एक सीट पर आगे है.



- भाजपा दो सीटों पर आगे चल रही है. फिलहाल कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं आई है.


- पहला रुझान भाजपा के पक्ष में. यहां भाजपा फिलहाल एक सीट पर आगे चल रही है.


- कड़कड़ाती ठंड के बीच चुनाव के नतीजे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने में लगे हुए हैं.



- हिमाचल प्रदेश में चुनावी सरगर्मी और कड़कड़ाती ठंड के बीच आम आदमी से लेकर खास की नजर मतगणना पर टिकी हुई है.


- हमेशा की तरह हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. यह टक्कर रिजल्ट के दौरान भी  दिखेगी.

- इस दौरान कारसोग, दारंग, मंडी, सुजानपुर,शिमला (रूरल), अर्की जैसी कुछ खास सीटों पर नजर रहेगी.


- हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद आए एक्जिट पोल सर्वे के आधार पर माना जा सकता है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विजयी रथ इन राज्यों में भी नहीं थमेगा.


- सर्वे दोनों ही राज्यों में भाजपा को बड़ी जीत दिलाता दिख रहा है और पार्टी गुजरात में 22 साल से सत्ता पर काबिज रहेगी तो हिमाचल में 5 साल बाद सत्ता में लौट रही है.


- इसमें ऊना, कारसोग, दारंग, मंडी, सुजानपुर,शिमला (रूरल), अर्की सीट शामिल है.

- ऊना हिमाचल प्रदेश की 44 नंबर की विधानसभा है. ऊना वैसे तो हिमाचल का जिला है मगर लोकसभा में हमीरपुर सीट के अंदर आता है. इस सीट पर मुकाबला सतपाल बनाम सतपाल ही है.


- ऊना को शुरू से ही बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है. बीजेपी ने जहां 2012 में 26835 वोट पाकर जीत की हैट्रिक लगाने वाले सतपाल सिंह सत्ती पर दांव लगाया, वहीं, कांग्रेस ने उनके हमनाम सतपाल सिंह रायजादा को टिकट दिया.


- हिमाचल प्रदेश की कारसोग जिले की रिजर्व सीट है. यहां से कांग्रेसी दलित नेता मनसा राम मैदान में हैं. इस सीट से मनसा राम का यह 11 वां चुनाव है. उनके मुकाबले इस सीट पर बीजेपी के हीरा लाल मैदान में हैं. कारसोग सीट से कुल 9 उम्मीदवार मैदान में हैं.करसोग में फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है.


- हिमाचल प्रदेश विधानसभा की वीआईपी सीट दारंग पर कांग्रेस नेता और मंत्री कौल सिंह ठाकुर का मुकाबला बीजेपी के जवाहर ठाकुर से है. दारंग सीट कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है. कौल सिंह ने इस सीट पर 1977 के बाद हुए सभी 9 चुनावों में अपनी किस्तम आजमाई है और कुल 8 बार यहां जीत दर्ज की है.


हिमाचल में इस बार बीजेपी को 47 से 55 जबकि कांग्रेस को 13-20 सीटें मिलती दिख रही हैं. अन्य के खाते में 2 सीटें आने का अनुमान है.

एग्जिट पोल में हिमाचल के 68 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे किया गया. यहां सैंपल साइज 14222 था, जबकि सर्वे करने वाले 23 थे.

- पिछली बार हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस ने 36 सीटें जीती थीं. यहां बीजेपी की हार हुई थी. बीजेपी को सिर्फ 26 सीटें ही मिली थीं. बीजेपी ने प्रेम कुमार धूमल की अगुवाई में चुनाव लड़ा था. यहां से वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे हैं. 

- मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. अधिकारी के मुताबिक मीडिया कक्ष और जनसंचार कक्ष भी बनाए गए हैं.


- राजपूत ने बताया कि मतगणना केंद्रों पर आठ से दस फुट ऊंचे बैरिकेड लगाए गए हैं और मतगणना कर्मियों एवं एजेंट के प्रवेश के लिए अलग से जगह छोड़ी गई है. मतगणना के लिए 2,820 कर्मचारियों को तैनात किया गया है.


- हिमाचल में हर चुनाव के बाद सरकार बदलने की परंपरा सी बन गई है. वैसे भी एग्जिट पोल के परिणामों से बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में एक साथ सभी 68 सीटों पर 9 नवंबर को में 75.28 फीसदी मतदान हुआ था.


बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे


हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल बीजेपी दोनों जीत के दावे कर रही हैं. कांग्रेस ने जहां एक तरफ बीजेपी की जीत वाले एग्जिट पोल के नतीजों को नकार दिया, वहीं भगवा दल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखा.


मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एग्जिट पोल के नतीजों को नकारते हुए कहा कि वह राज्य के लोगों के मूड को भली तरह भांप सकते हैं और वास्तविक परिणाम एग्जिट पोल से उलट होंगे. वीरभद्र सिंह की मानें बीजेपी द्वारा किए गये बड़े-बड़े दावे गलत साबित होंगे.


दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता प्रेम कुमार धूमल जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखें और उन्होंने कहा कि नतीजे एग्जिट पोल के अनुरूप ही होंगे. उन्होंने कहा, 'वास्तव में, बीजेपी एग्जिट पोल में बताई जा रही सीटों से अधिक सीटें हासिल करेगी.' प्रेम कुमार धूमल BJP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं.


क्या कहता है समीकरण?


हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य की 68 सीटों में से कांग्रेस को 36, बीजेपी को 26 तो अन्य को 6 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को 2007 की तुलना में 2012 के विधानसभा चुनाव में 13 सीटों का फायदा हुआ था, वहीं बीजेपी को 2007 की तुलना में 2012 में 16 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था.



कुल 337 प्रत्याशी मैदान में


इस बार हिमाचल में 68 सीटों के लिए कुल 337 प्रत्याशी मैदान में थे. इसमें भी पुरुष प्रत्याशी 138 जबकि महिला प्रत्याशी सिर्फ 19 थीं.इस बार सीधा मुकाबला मौजूदा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के बीच है. प्रेम कुमार धूमल ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 60 से अधिक सीटें जीतने जा रही हैं.