नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधीको दिया नोटिस वापस ले लिया है. चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर से सवाल उठाए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर पूछा है कि अगर चुनाव आयोग ने एक टीवी इंटरव्यू को लेकर राहुल गांधी को दिए नोटिस को वापस ले लिया है तो दो सवाल जरूर पूछे जाने के चाहिए. पहला, क्या राहुल गांधी का इंटरव्यू टीवी चैनलों को दिखाने से रोकने के लिए यह महज एक साजिश थी. दूसरा, क्या पीएम मोदी और मंत्रियों के खिलाफ कोई एफआईआर और कार्रवाई न होना न्यायोचित है?

आपको बता दें कि  राहुल गांधी को चुनाव आयोग ने पिछले 13 दिसम्बर को नोटिस जारी किया था जिसमें गुजरात में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले टीवी चैनलों को दिए गये इंटरव्यू को लेकर आपत्ति जताई गई थी. लेकिन आयोग ने रविवार देर शाम कांग्रेस को भेजे पत्र में कहा है कि राहुल गांधी को दिया गया नोटिस वापस लिया जा रहा है. 

आयोग का कहना है कि राहुल गांधी को दिये नोटिस के बाद कांग्रेस ने आयोग के सामने पक्ष रखा. आयोग ने जन प्रतिनिधि कानून 1951 के सेक्शन 126 की समीक्षा के लिये एक कमेटी बना दी है. कानून के इस सेक्शन के तहत चुनाव से 48 घंटे पहले किसी तरह के प्रचार की इजाज़त नहीं होती.