चलिए, आज आपको दुनिया की सबसे ठंडी जगह का किस्सा सुनाते हैं। इस जगह का नाम है, 'याकूत्स्क'। ये जगह रूस के सुदूर इलाके में हैं। सर्दियों के दिनों में आपके देश का तापमान जहां 2 या 3 डिग्री के आसपास होता है वहीं इस जगह का तापमान -50 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है।

रूस में आर्कटिक रेखा से केवल 450 किलोमीटर दक्षिण में स्थित यह शहर लेना नदी के किनारे बसा हुआ है। यही वजह है कि इसे 'पोर्ट सिटी' के नाम से भी जाना जाता है। याकूत्स्क की आबादी तकरीबन 250,000 है। 

इस शहर की स्थापना वैसे तो 1632 में हो चुकी थी, लेकिन 1880 और 1890 के दशक में यहां मिले सोने और खनिज पदार्थों के भंडार ने इसे लोकप्रिय कर दिया। इसके बाद से ही यहां बसाहट तेजी से बढ़ने लगी।

बताते हैं कि साखा गणतंत्र का यह इलाका तुर्क-मूल के याकूत लोगों की मातृभूमि है। वे यहां 13वीं व 14वीं शताब्दी में बयकाल झील के किनारे से यहां आ बसे थे। सन् 1632 में रूसी राज्य के विस्तार के बाद बसावट यहां तक फैल गई और इसके बाद प्योत्र बेकेतोव ने यहां एक किले का निर्माण कराया। 

इसके बाद 1880-1890 काल में इस क्षेत्र से सोना और अन्य खनिज निकले। फिर तो इस बस्ती का तेजी से विस्तार होने लगा। सोवियत संघ के जमाने में सोवियत तानाशाह जोसेफ स्टालिन को जब यहां खनिज व सोना निकलने की बात पता चली तो उन्होंने यहां खानें खुदवा दी। 

बता दें यहां आमतौर पर 12 मई से 10 सितंबर तक गर्मियां रहती हैं और इस दौरान दिन का औसतन तापमान 12 डिग्री सेल्सियस होता है। 17 जुलाई यहां पर सबसे गर्म दिन रहता है। यहां सर्दियां 18 नवंबर से शुरू होकर 1 मार्च तक रहती हैं।

इस दौरान औसत तापमान -23 डिग्री सेल्सियस रहता है। 13 जनवरी सबसे ठंडा दिन होता है। इस दिन अधिकतम तापमान -36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम -41 डिग्री सेल्सियस रहता है। कई बार तापमान -56 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जाता है।