भारतीय पहलवान सुशील कुमार ने शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 के लिए क्वालिफाई कर लिया. उन्होंने 74 किलोग्राम वर्ग के लिए हुए ट्रायल के फाइनल मैच में जीतेंद्र कुमार को हराकर इस प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह पक्की की. सुशील कुमार ने इस दौरान अपने सारे मुकाबले जीते.


इस खबर के आते ही सुशील के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद सुशील कुमार अनचाहे कारण से सुर्खियों में आ गए. यह खबर थी, उनके और दूसरे भारतीय पहलवान प्रवीण राणा के समर्थकों के बीच हुई जोरदार लड़ाई.


दोनों पहलवानों के समर्थकों के बीच यह हाथापाई नई दिल्ली के केडी जाधव स्टेडियम में हुई. समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्विटर पर इस लड़ाई का वीडियो भी शेयर किया है.


दोनों पहलवानों के समर्थकों के बीच हुई लड़ाई की वजह सामने आ गई है. कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए हो रहे ट्रायल के दौरान सुशील कुमार ने सेमीफाइनल में पहलवान प्रवीण राणा को हराया था. दोनों पहलवानों के समर्थकों के बीच हाथापाई की नौबत तब आई जब सुशील से हारने के बाद राणा ने दावा किया कि सुशील के समर्थकों ने रिंग में उसके खिलाफ उतरने पर उसे और उसके बड़े भाई को मारा.

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक सुशील ने दावा किया कि मुकाबले के दौरान राणा ने उनपर हमला किया. सुशील ने कहा, 'उसने मुझे पीटा लेकिन कोई बात नहीं. यह मुझे अच्छा खेलने से रोकने की उसकी रणनीति होगी. यह खेल का ही हिस्सा है. जो कुछ हुआ था, वह गलत था. मैं इसकी निंदा करता हूं. मुकाबला खत्म होने के बाद हममें एक-दूसरे के लिए सम्मान था.' इन बयानों के बाद दोनों पहलवानों के समर्थक आपस में भिड़ गए.


आपको बता दें कि दोनों पहलवानों के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता है. सुशील ने कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में राणा को हराया था.  राणा ने यह भी आरोप लगाया कि सुशील के समर्थकों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा है कि आगामी प्रो. कुश्ती लीग में खेलने की भूल न करें.


हालांकि, दोनों पहलवानों के दर्जनों समर्थकों के बीच हुई इस जोरदार लड़ाई की वजह का पता तो नहीं चल सका, लेकिन सुशील कुमार मे इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं. ऐसी किसी भी घटना के लिए खेल में कोई जगह नहीं है.


आपको बता दें कि सुशील कुमार का विवादों से नाता रहा है. इससे पहले वह एक और भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के साथ विवाद के चलते सुर्खियों में छाए हुए थे. सुशील कुमार पहले 66 किलोग्राम वर्ग में खेलते थे, लेकिन उन्होंने 2016 में हुए रियो ओलंपिक के लिए अपना वजन बढ़ा लिया था और वह 74 किलोग्राम वर्ग में आ गए थे.


इस वर्ग के लिए भारत का ओलंपिक कोटा दूसरे पहलवान नरसिंह यादव ने हासिल किया था. ऐसे में इन दोनों पहलवानों के बीच ओलंपिक में जाने को लेकर विवाद हो गया था. सुशील कुमार ने अपने और नरसिंह के बीच कुश्ती कराने और जीतने वाले को ओलंपिक में देने की मांग की थी, जिसे खेल संघ ने स्वीकार नहीं किया था. उन्हें हाई कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी थी. हालांकि, नरसिंह भी डोपिंग विवाद में फंसने के कारण रियो ओलंपिक में नहीं खेल सके थे.  


इसके बाद उनकी WWE में जाने की बातें भी सामने आई थीं, लेकिन वहां भी उनकी बात नहीं बन सकी. फिलहाल वह फिर से कुश्ती की दुनिया में लौटे हैं और अब कॉमनवेल्थ में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.