जयपुर. कांग्रेस साफ्ट हिंदुत्व की ओर से बढ़ रही है। गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के मंदिर दर्शन की पॉलिटिक्स को जनता ने पसंद किया। उसे कांग्रेस अब और आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राजस्थान, कर्नाटक सहित कई राज्यों के पर्यटन, धार्मिक, ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की जिलेवार सूची मंगाई है। इसके जरिए कांग्रेस अब हिंदुओं में अपना खोया जनाधार वापस लाने की कोशिश करेगी।



- विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल गांधी सहित राज्य के बड़े कांग्रेसी नेताओं को राजस्थान में मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा।


- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस महीने हो रहे दो लोकसभा और एक विधानसभा उपचुनावों मेें प्रचार के लिए आ सकते हैं। इस दौरान भी इस मेथड को लागू किया जा सकता है।


- राहुल गांधी के सलाहकारों का फोकस ऐसे मंदिरों पर है, जिनकी बड़ी मान्यता है।


राजस्थान के बड़े मंदिर


- बड़े मंदिरों में चित्तौडगढ के सांवलियाजी, राजसमंद के चारभुजाजी, नाथद्वारा में श्रीनाथजी, पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर, बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी, करौली में मदनमोहनजी, कैलादेवी, सालासार बालाजी, बीकानेर जिले के जंभेश्वर मंदिर, देशनोक करणी माता, अलवर जिले के भृर्हतरी मंदिर, जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों पर कांग्रेस नेता फोकस कर सकते है।


- कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से पहली बार मंदिरों के बारे में सूचना मांगी है। राजस्थान के बड़े मंदिरों की राज्य ही नहीं देश भर में मान्यता है, गुजरात की तरह मंदिर दर्शन की राजनीति इस बर के चुनावों में जरूर देखने को मिलेगी। राजस्थान के बड़े मंदिरों का ब्यौरा मांगने के पीछे यही रणनीति मानी जा रही है।


- कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुमताज मसीह ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की सूचना मंगाई गई है। इसकी सूचना तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी जाएगी।