साल 2018 में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. खबर है कि कांग्रेस इस बार अपना फोकस इन राज्यों के मंदिरों पर करने की तैयारी में हैं.

 

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के मंदिर दर्शन की पॉलिटिक्स को जनता ने पसंद किया था. इस कारण गुजरात में कांग्रेस को संजीवनी मिली. गुजरात की करीब 87 सीटें मंदिरों से प्रभावित मानी जाती हैं, जिसमें कांग्रेस को 47 सीटों पर जीत मिली है. इसी तर्ज पर कांग्रेस अब इस चुनावी साल में मंदिर पॉलीटिक्स को अन्य राज्यों में आगे बढ़ाने जा रही है.

 

कांग्रेस अब मंदिर और तीर्थ स्थलों पर अपना माथा टेकने की तैयारी में है.

सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के केन्द्रीय स्तर के नेता छत्तीसगढ़ में प्रमुख मंदिर व धर्म स्थलों की जानकारी प्रदेश स्तर के नेताओं से मांगे हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिसपर 49 सीटों पर बीजेपी और 39 सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर अन्य पार्टियां काबिज हैं. यानी कि सत्ता पाने के लिए अपनी सीटें बचाने के साथ ही कांग्रेस को कम से कम आठ नई सीटें भी जीतनी होगी. इसको लेकर ही रणनीति बनाई जा रही है.

 

छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि हमारे वरिष्ठ नेता पहले से ही मंदिरों में जाते रहे हैं. बात किसी धर्म विशेष की नहीं है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की आस्था शुरू से ही धार्मिक रही है. हालांकि कांग्रेस सिर्फ विकास की बातों को ही चुनाव में शामिल करती है.

 

 

जानकारों की मानें तो देशभर में भाजपा पर मंदिर, हिंदुत्व व संप्रदायवाद को लेकर राजनीति करने का आरोप लगता रहा है. कई बार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा मंदिर व हिंदुत्व के मुद्दे पर खुलेआम बयानबाजी भी करते सुना गया है. अब कांग्रेस द्वारा मंदिर पर फोकस करने को राजनीति चश्मे से ही देखा जा रहा है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि चुनावी साल में भाजपा के मंदिर पर कांग्रेस की भी नजर है.

 

छत्तीसगढ़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार कश्यप का कहना है कि भाजपा सम्प्रदायवाद या मंदिर, मश्जिद की राजनीति नहीं करती है. भाजपा सिर्फ व सिर्फ विकास के मुद्दों पर ही चुनाव लड़ती है. यही वजह है कि प्रदेश में लगातार तीन बार से भाजपा सत्ता में है. चौथी बार भी सरकार बनेगी.