रायपुर। मां और दो बेटियों ने ऑस्ट्रेलिया- न्यूजीलैंड घूमने जाने के लिए टूर ट्रैवल्स कंपनी से टिकट बुक कराया। कंपनी ने मां का वीजा बनाने में लापरवाही की, जिससे मां नहीं जा सकी। ट्रैवल्स वालों ने कहा कि बुकिंग हो चुकी है पैसे वापस नहीं लौटाएंगे।


दोनों बेटियां न्यूजीलैंड पहुंचीं तो पता चला कि टूर ट्रैवल्स ने कोई भी होटल पहले से बुक नहीं किया था। इसके बाद मां अतिरिक्त पैसे खर्च कर न्यूजीलैंड पहुंची। टूर में घूमने, एसी होटल में रुकने और शाकाहारी भोजन की भी सुविधा नहीं मिली।


शिकायत करने पर भी कोई सुविधा नहीं दी गई। टूर से लौटकर मां ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। फोरम ने टूर ट्रैवल्स कंपनी पर हर्जाना ठोंकते हुए चार लाख रुपए से अधिक लौटाने के आदेश दिए।


मेडिकल कॉलेज रोड स्थित फॉरेस्ट ऑफिसर्स कॉलोनी निवासी गीता अग्रवाल (51) ने अपनी दो बेटियों शीना चौहान (28) एवं शिल्पा अग्रवाल (26) के साथ स्पीरिट ऑफ आस्ट्रेलिया टूर पर जाने के लिए लालगंगा शॉपिंग मॉल स्थित कॉक्स एड किंग्स लिमिटेड मुंबई के कार्यालय में बुकिंग करवाई।


टूर में आस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबोर्न और न्यूजीलैंड के गोल्डकोस्ट व क्रेम्स समेत अन्य शहरों के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल था। इसके लिए 9 जनवरी 2015 को बुकिंग करवाई गई थी और यात्रा 18 मार्च 2015 से प्रारंभ होनी थी जो 17 दिनों की थी।


टूर कंपनी ने वीजा बनाने में देर की, अतिरिक्त खर्च कर मां पहुंची विदेश


टूर कंपनी ने वीजा बनाने की जिम्मेदारी ली और प्रथम किश्त के रूप में 9 जनवरी को प्रति व्यक्ति 9 हजार और दूसरी किश्त की राशि प्रति व्यक्ति 2 लाख 91 हजार रुपए दिए गए। 20 जनवरी को टूर कंपनी में कार्यरत अंशुल से वीजा बनाने के लिए बात की गई। छुट्टी में होने के कारण 3 फरवरी 2015 तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।


4 फरवरी 2015 को वीजा से संबंधित दस्तावेज भेजने पहल की। 20 फरवरी 2015 को ऑस्ट्रेलिया दूतावास में वीजा के लिए आवेदन दिया। वीजा कार्रवाई में देरी के कारण 24 फरवरी को श्रीमती गीता अग्रवाल का वीजा आवेदन तकनीकी कारणों से अस्वीकार किया गया, जबकि वीजा के लिए पहले ही 3 लाख 19 हजार रुपए भुगतान कर दिया गया था। वीजा निरस्त होने से गीता अग्रवाल को आस्ट्रेलिया जाना निरस्त करना पड़


बुक नहीं किया होटल


गीता अग्रवाल की दोनों बेटियां जब आस्ट्रेलिया पहुंचीं तो पता चला कि टूर कंपनी ने कोई एडवांस बुकिंग नहीं की थी। होटल भी पहले से बुक नहीं किया था। इसके बाद गीता अग्रवाल ने 31751 रुपए अतिरिक्त खर्च कर न्यूजीलैंड का टिकट प्राप्त किया।


आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में टूर कंपनी ने कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई। एसी रूम भी नहीं मिला और डबल रूम में तीनों मां-बेटियों को ठहराया गया। शाकाहारी खाना न मिलने से बाहर खाना पड़ा। एलॉटमेंट के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ा। मां को व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं करवाई गई।


ब्याज समेत लौटानी होगी राशि


जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम अध्यक्ष उत्तरा कुमार कश्यप व सदस्य प्रिया अग्रवाल, संग्राम सिंह भुवाल ने आदेश दिया कि कॉक्स एंड किंग्स लिमिटेड कंपनी मुंबई व लालगंगा शॉपिंग मॉल स्थित कार्यालय संयुक्त रूप से गीता अग्रवाल को 3 लाख 19 हजार एवं न्यूजीलैंड जाने का अतिरिक्त खर्च 31,751 कुल 3 लाख 50 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज दर से लौटाए। साथ ही तीनों मां-बेटियों को मानसिक क्षतिपूर्ति के 20-20 हजार कुल 60 हजार रुपए एवं वाद व्यय के दो हजार रुपए भी अदा करे।