बिलासपुर। आने वाले दिनों में अचानकमार टाइगर रिजर्व में महिलाएं गाइड की भूमिका निभाएंगी। इसके लिए 6 महिलओं को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही इस क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में आगे आने का सुझाव दिया गया है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में महिला गाइड की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। अचानकमार टाइगर रिजर्व में बंदिशों के बावजूद पर्यटकों की संख्या पर फर्क नहीं पड़ा है।


राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने 20 प्रतिशत क्षेत्र में ही सैर की अनुमति दी है। भ्रमण के लिए पहुंचे पर्यटकों में वन्यप्राणियों को देखने के साथ-साथ टाइगर रिजर्व को जानने की जिज्ञासा भी रहती है। इसी जिज्ञासा को शांत करने के लिए गाइड रखने का निर्णय गया है। चार से पांच साल पहले जब योजना तैयार हुई तो यह तय हुआ कि गाइड बाहर से नहीं, बल्कि टाइगर रिजर्व के अंदर बसे गांवों के बेरोजगार युवाओं को अवसर दिया जाएगा।


इससे उन्हें रोजगार मिलेगा। साथ ही जीवनशैली में बदलाव आएगा। वर्तमान में 7 से 8 गाइड हैं और सभी पुरुष हैं। यहां महिला गाइड की आवश्यकता थी। लिहाजा प्रबंधन ने महिलाओं को गाइड बनने के लिए ऑफर दिया। इस दौरान 6 आगे आईं। इसके बाद कान्हा से पहुंचे प्रशिक्षकों ट्रेनिंग दी। दो चरणों में सप्ताहभर ट्रेनिंग के बाद अब वह गाइड बनकर तैयार हो चुकी हैं।


दिए गए आईकार्ड यूनिफार्म व जूते महिला गाइड को विभाग की तरफ से यूनिफार्म, जूते , टोपी व आईकार्ड दिए गए हैं। यही उनकी पहचान होगी। इसके अलावा बकायदा उनका नाम व पता भी डायरी में दर्ज किया जाएगा। टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि यूनिफार्म से गाइड में एकरूपता आएगी। इसके अलावा पर्यटकों को भी इन्हें पहचानने के लिए अलग से मशक्कत करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।